सागर के टीहर गांव में सामूहिक आत्महत्या: देवर की प्रताड़ना बनी वजह, एक साथ निकलीं चार अर्थियां, गांव में मातम
सागर के टीहर गांव में सामूहिक आत्महत्या: देवर की प्रताड़ना बनी वजह, एक साथ निकलीं चार अर्थियां, गांव में मातम
Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई तहसील के टीहर गांव में 25 जुलाई 2025 की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक ही परिवार के चार सदस्यों-मनोहर सिंह लोधी (45), उनकी मां फूलरानी (70), बेटी शिवानी (18), और बेटे अनिकेत (16)-ने कथित तौर पर सल्फास खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। इस घटना ने दिल्ली के बुराड़ी कांड और हाल ही में हरियाणा के पंचकुला में हुई सामूहिक आत्महत्या की घटनाओं की याद ताजा कर दी।
रविवार, 27 जुलाई 2025 को मृतक मनोहर की पत्नी द्रोपदी सामने आई और उसने अपने रिश्ते में देवर सुरेंद्र सिंह लोधी पर गंभीर आरोप लगाए। द्रोपदी ने बताया कि सुरेंद्र पिछले दो सालों से उसे परेशान कर रहा था, जिसके कारण परिवार में तनाव और विवाद बढ़ गए थे।

इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, और शनिवार को एक साथ निकली चार अर्थियों ने पूरे समुदाय को शोक में डुबो दिया। आइए, इस दुखद घटना के पूरे घटनाक्रम, आरोपों, और सामाजिक प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।
घटना का विवरण: एक परिवार का दुखद अंत
25 जुलाई 2025 की देर रात टीहर गांव के एक खेत में बने मकान में रहने वाले मनोहर सिंह लोधी के परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया। मृतकों में मनोहर, उनकी मां फूलरानी, बेटी शिवानी, और बेटा अनिकेत शामिल हैं। पुलिस को घटनास्थल से सल्फास की शीशी मिली, जिससे प्रथम दृष्टया यह सामूहिक आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। घटना की सूचना रात में तब मिली, जब मनोहर के बड़े भाई नंदराम सिंह लोधी को उल्टियों की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को सूचित किया, और मनोहर व शिवानी को खुरई अस्पताल ले जाया गया, जबकि फूलरानी और अनिकेत की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। शिवानी ने खुरई अस्पताल में और मनोहर ने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
शनिवार, 26 जुलाई 2025 को चारों शवों का पोस्टमार्टम सागर के सिविल अस्पताल में किया गया। बारिश के कारण गांव में टीनशेड लगाकर दादी, पिता, बेटा, और बेटी की शव यात्रा निकाली गई, जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ। इस दुखद घटना के बाद गांव में चूल्हे नहीं जले, और लोग अपने घरों के बाहर बैठकर शोक मना रहे थे। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, "मनोहर का व्यवहार बहुत अच्छा था। एक पूरा परिवार खत्म हो गया, पूरा गांव दुखी है।"
द्रोपदी का बयान: देवर की प्रताड़ना बनी वजह
27 जुलाई 2025 को मृतक मनोहर की पत्नी द्रोपदी ने रोते हुए मीडिया को बताया कि उनके रिश्ते में देवर सुरेंद्र सिंह लोधी पिछले दो सालों से उन्हें परेशान कर रहा था। द्रोपदी के अनुसार, सुरेंद्र आए दिन उनके घर आता था और धमकी देता था कि वह उनका घर बर्बाद कर देगा। इन धमकियों के कारण मनोहर और द्रोपदी के बीच अक्सर विवाद होता था। द्रोपदी ने कहा, "सुरेंद्र की वजह से मेरे पति मानसिक तनाव में रहने लगे थे। वह गांव वालों से कम बात करते थे।" घटना के समय द्रोपदी अपने मायके गई हुई थीं, जिसके कारण वह इस त्रासदी से बच गईं।
द्रोपदी के आरोपों के बाद यह भी सामने आया कि सुरेंद्र की हरकतों से पूरा परिवार परेशान था। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र सामूहिक आत्महत्या की घटना के बाद से गांव में नजर नहीं आया और वह शव यात्रा में भी शामिल नहीं हुआ। यह बात संदेह को और गहरा करती है कि सुरेंद्र की प्रताड़ना ने परिवार को इस हद तक मानसिक दबाव में डाल दिया कि उन्होंने सामूहिक आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया।
पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष
खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से सल्फास की शीशी बरामद की है, और प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, "चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है, और परिवार वालों के बयान लिए जा रहे हैं। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। यह पारिवारिक विवाद से जुड़ा हो सकता है।" पुलिस ने द्रोपदी के बयान और सुरेंद्र सिंह के खिलाफ आरोपों को गंभीरता से लिया है और उसे बयान के लिए बुलाया गया है।
खुरई सिविल अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर बरखा केशरवानी ने बताया कि चारों ने सल्फास जैसे जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। दो लोग मृत हालत में अस्पताल लाए गए थे, जबकि दो की इलाज के दौरान मौत हुई। पुलिस अब सुरेंद्र सिंह की तलाश कर रही है और अन्य परिजनों व पड़ोसियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
मनोवैज्ञानिक संदर्भ
यह घटना मध्य प्रदेश में सामूहिक आत्महत्याओं की एक कड़ी में शामिल हो गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में 2022 में 14,000 से अधिक आत्महत्या के मामले दर्ज हुए थे, जिनमें आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद, और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं प्रमुख कारण थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक आत्महत्याएं अक्सर गहरे सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दबावों का परिणाम होती हैं।
मनोवैज्ञानिक डॉ अनिल शर्मा (भोपाल) ने कहा, "पारिवारिक विवाद, विशेष रूप से रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना, मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। अगर परिवार का मुखिया तनाव में है, तो यह पूरे परिवार को प्रभावित करता है। ऐसी स्थिति में सामूहिक आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।" उन्होंने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने की मांग की।
गांव का माहौल: मातम और सवाल
टीहर गांव में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, मनोहर सिंह लोधी एक समृद्ध किसान थे, जिनके पास 3 एकड़ जमीन थी, और उन्होंने इस साल सोयाबीन की फसल बोई थी। उनके अच्छे स्वभाव के कारण गांव में उनकी इज्जत थी। एक ग्रामीण ने कहा, "मनोहर बहुत शांत और मेहनती इंसान था। हमें समझ नहीं आ रहा कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।" घटना के बाद गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला, और लोग अपने घरों के बाहर बैठकर इस त्रासदी पर चर्चा कर रहे थे।
गांव की एक बुजुर्ग महिला ने कहा, "एक साथ चार अर्थियां देखकर दिल टूट गया। ऐसा दुख गांव ने पहले कभी नहीं देखा।" ग्रामीणों ने सुरेंद्र सिंह के खिलाफ गुस्सा भी जाहिर किया और मांग की कि पुलिस इस मामले की गहन जांच करे।
अन्य सामूहिक आत्महत्या की घटनाएं
- यह घटना मध्य प्रदेश और देश में हाल के वर्षों में हुई सामूहिक आत्महत्याओं की याद दिलाती है:
- पंचकुला, हरियाणा (2025): एक परिवार के सात सदस्यों ने आर्थिक तंगी के कारण जहर खाकर आत्महत्या की।
- अलीराजपुर, मध्य प्रदेश (2024): एक परिवार के पांच सदस्यों ने फांसी लगाकर जान दी।
- दिल्ली, बुराड़ी (2018): 11 लोगों ने धार्मिक अंधविश्वास के कारण सामूहिक आत्महत्या की।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद, और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं सामूहिक आत्महत्याओं के प्रमुख कारण हैं। टीहर गांव की घटना में द्रोपदी के आरोपों ने पारिवारिक विवाद को मुख्य वजह के रूप में उजागर किया है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की। खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने कहा, "हम द्रोपदी के बयान और अन्य परिजनों के बयानों के आधार पर जांच कर रहे हैं। अगर सुरेंद्र सिंह के खिलाफ सबूत मिले, तो उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (BNS धारा 108) के तहत कार्रवाई की जाएगी।"
सागर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक तिवारी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) गठन करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आत्महत्या के कारणों का पता लगे और दोषियों को सजा मिले।"
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने मध्य प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। X पर कई यूजर्स ने इस त्रासदी पर दुख जताया और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया। @HSBawa_Official ने लिखा, "सागर के टीहर गांव में चार लोगों की सामूहिक आत्महत्या ने मानसिक स्वास्थ्य संकट की गंभीरता को उजागर किया है।"
कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने X पर लिखा, "टीहर गांव की घटना मध्य प्रदेश में बढ़ते मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव का परिणाम है। बीजेपी सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में काउंसलिंग सेंटर और हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए।" दूसरी ओर, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे व्यक्तिगत त्रासदी करार देते हुए कहा कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।
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