Posana Shaheed : राजस्थान का वो गांव जहां के पांच बेटे वतन पर मर मिटे, एक साथ लगीं सबकी प्रतिमाएं
झुंझुनूं, 16 अगस्त। देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जिले झुंझुनूं में फिर एक इतिहास रचा गया है। यहां एक गांव में एक ही छत के नीचे पांच शहीदों की मूर्तियों का अनावरण किया गया है। ऐसा करने वाला झुंझुनूं का पोसाणा गांव राजस्थान का पहला गांव बन गया है। संभवतया पोसाणा देश का भी पहला ऐसा गांव, जहां पर एक साथ, एक छत के नीचे पांच शहीदों की मूर्तियां स्थापित की गई हो।
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स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर 5 मूर्तियों का अनावरण
स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन प्रेमसिंह बाजौर, झुंझुनूं सांसद नरेंद्रकुमार, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी तथा सीथल की सरपंच संजू चौधरी ने पांचों मूर्तियों का अनावरण किया। इस मौके पर बाजौर ने कहा कि वे पूरे राजस्थान में हर गांव ढाणी गए। वहां पर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों से मुलाकात की, लेकिन ऐसा संगम उन्होंने कहीं नहीं देखा।

शहीद भगवान के समान- प्रेमसिंह बाजौर
बाजौर कहते हैं कि पोसाणा का शहीद स्मारक, केवल एक स्मारक नहीं। बल्कि मंदिर है। शहीद भगवान के समान होते हैं। झुंझुनूं सांसद नरेंद्रकुमार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शहीदों को जो सम्मान दिया। वो आज भी याद रखा जाता है। उन्हीं से और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर बाजौर जो काम कर रहे हैं। वो देश सेवा की एक जीती जागती मिसाल है।

कार्यक्रम में हजारों लोगों ने की शिरकत
इस मौके पर हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर पांचों शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी। शहीदों की संबंधित बटालियन से आए जवानों ने भी रीत की रस्म निभाई। वहीं, युवाओं में भी इस कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। वे ना केवल तिरंगों के साथ भरी दुपहरी में कार्यक्रम में बैठे रहे। बल्कि शहीद प्रतिमाओं के साथ सेल्फी ली और कहा कि हमारे असली हीरो तो ये ही है।

आजादी से पहले के भी शहीद
बता दें पोसाना के शहीद स्मारक में पांच शहीदों की मूर्तियों को एक साथ स्थापित किया गया है। इनमें से दो शहीद तो आजादी से पहले 1945 में हुए द्वितीय विश्व युद्ध के शहीद है। जिनके नाम सेडूराम मैचू व जोधाराम महला है। इनके अलावा 1962 के शहीद बोहितराम ढेवा, 1967 के शहीद बालाराम खैरवा तथा 2009 के शहीद धर्मपाल सिंह की भी मूर्तियां यहां पर लगाई गई हैं। कार्यक्रम में इन शहीद परिवारों का भी सम्मान किया गया।

पोसाणा के पांच शहीदोंं का विवरण
1 शहीद सेडूराम मेचू
गांव पोसाणा के प्रथम शहीद होने का गौरव सेडूराम मेचू को मिला। 10 मई 1942 को भारतीय सेना में भर्ती हुए राजरिफ के राइफल मैन मेचू दूसरे विश्व युद्ध में शहीद हुए थे। गोपालराम व नारायण देवी के बेटे सेडूराम 5 फरवरी 1945 को जर्मनी में वीरगति को प्राप्त हुए।

2. शहीद धर्मपाल सिंह
मूलचंद व मनभरी देवी के घर पैदा हुए धर्मपाल सिंह ने 13 जनवरी 1988 को इंडियन आमी ज्वाइन की थी। जाट रेजीमेंट के जवान सिंह 16 सितंबर 2009 को वीरगति को प्राप्त हुए। इनकी शादी विनोद देवी के साथ हुई थी।

3. शहीद जोधाराम महला
बालूराम व ज्ञानी देवी के बेटे जोधाराम महला ने चार अगस्त 1942 को भारतीय सेना ज्वाइन की। इनकी शादी धापीदेवी के साथ हुई। महला दूसरे विश्व युद्ध के दौरान आठ मार्च 1945 को जर्मनी में शहीद हुए।

4. शहीद बालाराम खैरवा
जीताराम व केशरदेवी के बेटे बालाराम खैरवा भारतीय सेना में ग्रेनेडिर थे। 27 नवंबर 1962 को सेना में भर्ती हुए थे और देश के दुश्मनों से लड़ते हुए 11 सितंबर 1967 को शहीद हो गए। इनकी वीरांगना का नाम किस्तूरी देवी है।

5. शहीद बोयतराम ढेवा
चंद्रराम व मोहरी देवी के बहादुर बेटे भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट के के सिपाही बोयतराम ढेवा की शादी मूंगीदेवी के साथ हुई थी। पांच फरवरी 1960 को इंडियन आर्मी ज्वाइन करने वाले बोयतराम भारत चीन की जंग 1962 में 20 नवंबर को लद्दाख में शहीद हुए थे।












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