पुलिस थाने के रसोइए की बेटी व बेटी की शादी पुलिसकर्मियों व सरपंचों ने भरा 5.21 लाख का मायरा
नागौर, 22 नवंबर। राजस्थान के नागौर जिले की श्रीबालाजी पुलिस थाने के स्टाफ और आस-पास के सरंपचों ने सामाजिक सरोकार की शानदार मिसाल पेश की है। पुलिसकर्मियों और सरपंचों ने श्रीबालाजी पुलिस थाने के रसोइए के बेटे व बेटी की शादी में सवा पांच लाख का मायरा भरा है।

क्या होता है मायरा भरना?
राजस्थान में मायरा शादी समारोह में निभाई जानी वाली एक रस्म है, जिसमें दूल्हा-दुल्हन के ननिहाल पक्ष की ओर से शादी पर नकद, आभूषण व कपड़े भेंट किए जाते हैं, जिन्हें मायरा भरना कहा जाता है।

मदनलाल प्रजापत कई साल से बना रहे थाना
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में नागौर के श्रीबालाजी पुनिस थाने के एसएचओ शिवसिंह ने बताया कि बीकानेर जिले के नोखा का मदनलाल प्रजापत पुलिस थाने में बीते 20-25 साल से खाना बनाने का काम करता है।

बीस को हुई थी शादी
मदनलाल के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। 20 नंवबर को मदनलाल की बेटी व बेटा की शादी थी। मदनलाल ने पुलिस थाने के समस्त स्टाफ को बेटा-बेटी की शादी का कार्ड दिया था।

16 सरपंचों ने भी की मदद
बच्चों की शादी के मौके पर एसएचओ शिवसिंह ने अन्य स्टाफ से मिलकर मदनलाल के परिवार की आर्थिक मदद करने की ठानी है। इस मुहिम में आस-पास के 45 गांवों के 16 सरंपच भी जुटे। सबने मिलकर 5 लाख 21 हजार जुटाए।

मदनलाल की आंखें भर आई
20 नवंबर को पुलिसकर्मी व सरपंच मदनलाल के घर पहुंचे और बेटा-बेटी की शादी में मायरा भरा, जिसमें पांच लाख 21 हजार नकद और कपड़े दिए। शादी में इतनी बड़ी आर्थिक मदद देकर मदनलाल की आंखें भर आई।












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