Cockroach Janata Party बीजेपी की 'C टीम' है', कौन है ये सस्पेंडेड PCS अधिकारी?

Alankar Agnihotri Controversy: सस्पेंडेड बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने एक बार फिर ऐसा विवादित बयान दिया है, जिसके बाद एक बार फिर वो सुर्खियों में हैं। बलरामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' को भाजपा की 'सी टीम' बताया। उन्‍होंने आरोप लगाया कि सत्ता और विपक्ष के बीच दिखने वाला टकराव कई मामलों में सिर्फ दिखावा है।

अग्निहोत्री ने दावा किया कि जिस संगठन को सार्वजनिक मंचों पर राष्ट्रविरोधी बताया जाता है, उसके नेताओं को कई मौकों पर प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण मिलता दिखाई देता है। उन्होंने CJP नेता अभिजीत दीपके के स्वागत और उनके कार्यक्रमों को मिली अनुमति का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

Alankar Agnihotri

अपने संबोधन में उन्होंने राम मंदिर में आने वाली दान राशि को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के चंदे के उपयोग को लेकर पारदर्शिता जरूरी है और धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति के प्रबंधन पर सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा आस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीति और आर्थिक हितों से अलग रखा जाना चाहिए।

हालांकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि दान राशि और वित्तीय लेन-देन की आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया जारी है तथा अब तक किसी ठोस अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस एनकाउंटर पर भी उठाए सवाल

अग्निहोत्री ने अपने भाषण में पुलिस एनकाउंटर नीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में हर कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के अधिकारों के दुरुपयोग से बचना जरूरी है।

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?

अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के मूल निवासी हैं। उन्होंने यूपीपीएससी 2016 परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की थी इसके बाद 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी के रूप में सलेक्‍ट हुए थे।

अलंकार अग्निहोत्री इंजीनियरिंग स्नातक (B.Tech) हैं और उन्होंने कानून (LLB) की भी पढ़ाई की है। उनकी शिक्षा और चयन प्रक्रिया को लेकर उन्हें शुरुआती करियर में एक मेधावी अधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। इन्‍होंने विभिन्न जिलों में एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्य किया, लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त के पद पर भी रहे और बाद में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात रहे हैं।

क्यों हुए थे सस्पेंड?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 26 जनवरी 2025 को अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया था। उन्‍होंने सर्वाजनिक मंच से यूजीसी के नए नियमों पर सवाल उठाते कहा था कि वो अपने पद से इस्‍तीफा दे देंगे। जिसके बाद अनुशासनहीनता और सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाते ही दूसरे ही दिन सस्‍पेंड कर दिया गया था।

निलंबन के बाद उन्हें जांच पूरी होने तक शामली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से संबद्ध (अटैच) किया गया था। याद रहे सरकारी सेवा नियमों के तहत किसी भी अधिकारी को राजनीतिक या विवादास्पद सार्वजनिक गतिविधियों में भाग लेने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करना होता है।

शंकराचार्य स्वामी के माघ मेले में की व्‍यवस्‍था पर जताई थी आपत्ति

प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े एक मामले में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि कुछ घटनाएं धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सम्मान के खिलाफ हैं, जिस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया था।

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