Dungarpur Protest Video : उग्र हुए बेरोजगार, SP की गाड़ी समेत 3 वाहन फूंके, 11 पुलिसकर्मी घायल

डूंगरपुर। उत्तर भारत में जहां किसान सड़कों पर हैं वहीं राजस्थान में बेरोजगार उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान शिक्षक भर्ती के अनारक्षित 1167 पदों को एसटी वर्ग से भरने की मांग को लेकर डूंगरपुर जिला मुख्यालय के पास कांकरी डूंगरी पहाड़ी पर धरना देकर प्रदर्शन करने वाले बेरोजगार 17वें दिन गुरुवार को सड़कों पर उतर आए।

बांसवाड़ा-उदयपुर से मंगवाया अतिरिक्त जाब्ता

बांसवाड़ा-उदयपुर से मंगवाया अतिरिक्त जाब्ता

डूंगरपुर जिले से गुजर रहे नेशनल हाईवे 8 नंबर सड़क मार्ग पर प्रदर्शनकारियों का आज दूसरे दिन शुक्रवार को भी उग्र प्रदर्शन जारी रहा। बांसवाड़ा व उदयपुर से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर बुलाया गया है। प्रदर्शनकारी अब भी पुलिसकर्मियों पर पथराव करने के साथ-साथ टायर फूंककर विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं।

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     पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    कई वाहनों में तोड़फोड़ भी कर दी गई है। पुलिस के आला अधिकारी पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। सड़क मार्ग पर जले हुए वाहनों को पुलिस जेसीबी के द्वारा सड़क से दूर करवा रही है। प्रदर्शनकारी बेकाबू हो चुके हैं। पुलिस दूर से आंसू गैस के गोले छोड़ रही है, मगर पहाड़ी इलाका होने की वजह से दूर-दूर से पथराव हो रहा है।

    राजस्थान के डूंगरपुर में बेरोजगार क्यों कर रहे प्रदर्शन ?

    राजस्थान के डूंगरपुर में बेरोजगार क्यों कर रहे प्रदर्शन ?

    बता दें कि राजस्थान शिक्षक भर्ती 2018 के रिक्त 1167 पदों को जनजाति वर्ग से भरने की मांग को लेकर डूंगरपुर के कांकरी डूंगरी पहाड़ी पर 7 सितम्बर से अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। गुरुवार को प्रदर्शनकारी पहाड़ी से उतरकर सड़कर आ गए और नेशनल हाईवे 8 सड़क मार्ग पर पत्थर डालकर जाम कर दिया। पहले दिन पथराव में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसपी की गाड़ी समेत तीन वाहन भी फूंक दिए गए थे।

     जब युवाओं ने लगाई फांसी

    जब युवाओं ने लगाई फांसी

    इससे पहले कांकरी डूंगरी पर युवाओं ने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया और सामूहिक रूप से फांसी लगाई। हालांकि यह एक तरह से सिर्फ सांकेतिक फांसी थी। असल में नहीं लगाई थी। युवाओं ने एक लकड़ी और पेड़ के रस्सी डालकर उस पर छोटे-छोटे फंदे बनाए और फिर विरोध स्वरूप उन फंदों को अपने गले में डाल लिया।

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