Piru Dweep : कौन थे परमवीर पीरूसिंह, जिनके नाम पर हुआ अंडमान निकोबार का INAN-374 द्वीप
आज पराक्रम दिवस के मौके पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 21 द्वीपों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए हैं। आईएनएन-374 द्वीप का नाम पीरू द्वीप पर रखा है।

Piru Dweep Andaman Nicobar : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर 23 जनवरी 2023 को 'पराक्रम दिवस' दिवस मनाया जा रहा है। इस उपल्क्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया है। इनमें दो परमवीर चक्र विजेता पूर्व सैनिक राजस्थान के हैं। एक पीरू सिंह शेखावत व दूसरे मेजर शैतान सिंह। n

द्वीपों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे
पराक्रम दिवस 2023 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे। 16 द्वीप उत्तर और मध्य अंडमान जिले में जबकि पांच द्वीप दक्षिण अंडमान में हैं।
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पीरू सिंह शेखावत झुंझुनूं जिले के गांव बेरी के रहने वाले थे
बता दें कि पीरू सिंह शेखावत मूलरूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव बेरी के रहने वाले थे। 1948 में अदम्य साहस दिखाते हुए शहीद हो गए थे। 1950 में पीरू सिंह शेखावत को परमवीर चक्र से नवाजा गया था। 20 मई 1936 को जन्मे पीरू सिंह 20 मई 1936 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।
पराक्रम दिवस पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के द्वीपों के नामकरण समारोह में पीरू सिंह के बेटे ओमपाल सिंह शेखावत ने भी शिरकत की। उनके साथ पीरू सिंह के पोते महेश सिंह शेखावत भी थे। द्वीपों का नामकरण राष्ट्र की अखंडता की सुरक्षा के लिए सर्वाच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को नमन के तौर पर किया गया है।

कंपनी हवलदार मेजर थे पीरू सिंह शेखावत
उल्लेखनीय है कि 22 अक्टूबर 1947 को जिन्ना ने कश्मीर पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तानी सेना को कबाइली लुटेरों के भेष में भेजा था। कश्मीर में खून की नदियां बहने लगी थी। भारत व पाकिस्तान के बीच यह पहली जंग थी। जुलाई 1948 में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के टिथवाल सेक्टर में हमले किए और 8 जुलाई कोरिंग कंटूर पर कब्जा कर लिया था। तब भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स की 6वीं बटालियन को भेजा गया था। उसमें पीरू सिंह शेखावत भी थे। वे कंपनी हवलदार मेजर थे।

26 जनवरी 1950 को परमवीर चक्र प्रदान किया गया
18 जुलाई 1948 को पीरू सिंह हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पूरा शरीर घायल होने के बावजूद मेजर पीरू सिंह ने पाकिस्तानी मध्यम मशीन गन पोस्ट पर कब्जा कर लिया था। अपनी स्टेशन से दुश्मनों को मार डाला और बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। अदम्य साहस के चलते उनको 26 जनवरी 1950 को परमवीर चक्र प्रदान किया गया था।
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