VIDEO: क्या Mehwish पाकिस्तानी जासूस है ? चूरू में Rahman Khan की मां ने ऑन कैमरा सब कुछ बताया
Mehwish Pakistan Rahman Khan Churu India: रहमान खान के प्यार में मेहविश पाकिस्तान के इस्लामाबाद से भारत के चूरू चली आई है। सरहद पार वाली यह प्रेम कहानी भी सीमा हैदर-सचिन मीणा जैसी है।
27 जुलाई 2024 को मेहविश अटारी-वाघा बॉर्डर से होते हुए भारत की सरमजीं पर कदम रखा और अपने ससुराल चूरू के गांव पिथिसर में अली मोहम्मद खान व जैतून बानो के घर भी पहुंच गई है। अब सीमा हैदर की तरह मेहविश पर भी पाकिस्तान की जासूस होने के आरोप लग रहे हैं।

गांव पिथिसर में रहमान के घर पहुंचे मीडियाकर्मियों ने उनकी मां जैतून बानो से सवाल पूछा कि पाकिस्तान बहू पर जासूस होने के आरोप लग रहे हैं? इस पर मेहविश की हिंदुस्तानी सास ने जवाब दिया कि बहू मेहविश जासूस होती तो उसे बॉर्डर पार से भारत में आने ही नहीं दिया जाता।
सास बोली कि अगर उनकी पाकिस्तानी बहू जासूस ही होती तो पुलिस उसे यहां बुलाने की इजाजत नहीं देती और यहां आ भी गई तो वापस भी निकाल सकते थे। मेहविश चूरू अपने ससुराल आकर पूरी तरह से खुश है।
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मेहविश को माता-पिता का प्यार देंगे
रहमान की मां ने कहा कि वो अपने बेटे की पत्नी मेहविश को बेटी का जैसा प्यार देगी। पाकिस्तान में मेहविश के मात-पिता दोनों की मौत हो चुकी है। यहां पर मेहविश को दोनों का प्यार मिलेगा। रहमान की पहली पत्नी फरीदा को जितना प्यार दिया था उतना ही मेहविश को देंगी।
सास जैतून बानो कहती हैं कि 'परिवार में सुकून के खातिर पहली बहू फरीदा के पैर तक पकड़ लिए थे, मगर मैं बहुत खतरनाक सास था, मगर फरीदा ने कमजोर बना दिया। जबकि मैंने बहू और पोतों के खातिर जान दे दी।'
पिथिसर सरपंच जंगशेर सिंह लेकर आए
वन इंडिया हिंदी से बातचीत पिथिसर सरपंच जगशेर खान बताते हैं कि मेहविश को अटारी बॉर्डर से घर लेकर आने के लिए वे खुद अपनी गाड़ी लेकर गए थे। साथ में रहमान का भाई सलीम, मौसा अयूब खान व एक खाला गई थी। मेहविश के सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करवाने के बाद उसे चूरू लाने की इजाजत दी गई है।
खान कहते हैं कि मेहविश ने अपने ससुराल भारत में किसी भी तरह के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। पाकिस्तान की जासूस बताने वाले लोग जलन में ऐसा कह रहे हैं। ये आरोप बेबुनियाद है।












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