लापरवाही या हादसा? कोटा में रेलवे ट्रैक के नीचे सीमेंट बॉक्स डालते समय ढही मिट्टी, दो इंजिनियर ने गंवाई जान
Tragedy in Kota: राजस्थान के कोटा जिले में गुरुवार रात दिल्ली-मुम्बई रेल लाइन पर चल रहे रेलवे निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अंडरपास निर्माण के लिए मिट्टी हटाने का काम जारी था, तभी अचानक रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी ढह गई। हादसे में मौके पर काम कर रहे रेलवे के दो इंजीनियर मिट्टी के नीचे दब गए।
वहां मौजूद श्रमिकों और कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे और प्रशासन के कई अधिकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे। हादसे के बाद रेलवे निर्माण कार्य को रोक दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मिट्टी धंसते ही मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार दरा घाटी क्षेत्र में रेलवे की ओर से अंडरपास निर्माण का काम चल रहा था। रेलवे लाइन के नीचे बड़े सीमेंट बॉक्स डालने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए ट्रैक के नीचे से मिट्टी हटाई जा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह गया।
मिट्टी गिरने से सेक्शन इंजीनियर (सीडब्ल्यूआई) संजय कुमार झा और जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह उसकी चपेट में आ गए। दोनों कुछ ही सेकंड में मिट्टी के नीचे दब गए, जिससे वहां काम कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया।
श्रमिकों ने शुरू किया रेस्क्यू
घटना के तुरंत बाद मजदूरों और कर्मचारियों ने दोनों इंजीनियरों को निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत कोटा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने सेक्शन इंजीनियर संजय कुमार झा को मृत घोषित कर दिया। वहीं जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह को बचाने के लिए डॉक्टरों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
दोनों इंजीनियरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। हादसे की खबर मिलते ही रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
कई अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर, ग्रामीण एएसपी रामकल्याण मीणा, डीएसपी घनश्याम मीणा, कनवास एसडीएम बाबूलाल मीणा, तहसीलदार नेहा वर्मा और अन्य अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और प्रशासन की टीम ने इलाके का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके अलावा सर्कल के चार थानों का पुलिस जाप्ता भी मौके पर तैनात किया गया। अधिकारी देर रात तक राहत और जांच कार्य में जुटे रहे।
अंडरपास दोनों ओर से बंद
हादसे के बाद सुरक्षा को देखते हुए अंडरपास को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया है। रेलवे ने निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया है। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद एहतियात के तौर पर दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग की अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई। रेलवे ने ट्रेनों को करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया ताकि किसी तरह का दूसरा हादसा न हो।
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