Switzerland: 1600 करोड़ के बंगले की मालिकन हुईं रेसिज्म का शिकार, कौन हैं अरबपति Vasundhara Oswal? - Video
Who Is Vasundhara Oswal: भारतीयों के खिलाफ दूसरे देशों में रेसिज्म यानी भेदभाव के मामले अब इतने बढ़ चुके हैं कि आए दिन ऐसी खबरें मीडिया में अपनी जगह बनाती रहती हैं। किसी आम भारतीय के साथ भेदभाव की घटना पर अब उतना ध्यान भी नहीं जाता लेकिन जब एक रईस परिवार की लड़की के साथ हो तो जरूर सुर्खियां बनती हैं। वो भी तब जब उनके पिता ने उसी देश के सबसे महंगे बंगलों में एक के मालिक हों।
कौन हैं वसुंधरा ओसवाल?
दरअसल स्विट्जरलैंड में 1,649 करोड़ रुपये के 'विला वारी' की मालकिन वसुंधरा ओसवाल के साथ उनके घर के बाहर ही नस्लीय भेदभाव (Racism) का एक मामला सामने आया है। भारतीय मूल की इस युवा बिजनेस टाइकून को अपने ही घर के बाहर एक स्विस नागरिक द्वारा भेदभाव का सामना करना पड़ा। इस वाकये का वीडियो सामने आने के बाद विदेशों में रहने वाले संपन्न भारतीयों के साथ होने वाले भेदभाव को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी राय रख रहे हैं। लोग ये भी कह रहे हैं कि विदेश में रहकर कितना भी पैसा कमा लो, लेकिन वे तुम्हें तुम्हारी चमड़ी के रंग से ही जज करेंगे।

हुआ क्या था?
यह वाकया गुरुवार दोपहर का है, जब ओसवाल परिवार के लॉन में घास काटने की मशीन चल रही थी। तभी एक पड़ोसी गेट पर आया और मशीन बंद कराने की जिद करने लगा। उसने तंज कसते हुए कहा, "आप भारत में नहीं हैं।" वसुंधरा ने इस बात को चुपचाप सहने के बजाय वहीं पर उस शख्स को जवाब दिया।
वसुंधरा ने साफ किया कि स्थानीय नियमों के हिसाब से उस वक्त लॉन मूवर चलाने पर कोई पाबंदी नहीं थी, लेकिन वह शख्स फिर भी बहस पर अड़ा रहा। वसुंधरा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसी बातें सुनकर अक्सर लगता है कि यह अमेरिका या ब्रिटेन का मामला होगा, पर यह सब स्विट्जरलैंड में हुआ।
कौन हैं वसुंधरा के पिता पंकज ओसवाल?
पंकज ओसवाल का परिवार पिछले आठ साल से स्विट्जरलैंड में रह रहा है। वहां उन्होंने देश के सबसे महंगे घरों में गिना जाने वाला 'विला वारी' खरीदा था। इतनी बड़ी संपत्ति और वहां की इकोनॉमी में योगदान देने के बाद भी उन्हें इस तरह के बर्ताव का सामना करना पड़ा। वसुंधरा ने इस बात पर हैरानी जताई कि विकसित कहे जाने वाले देशों के नागरिक आज भी दूसरी संस्कृतियों को लेकर इतनी छोटी सोच रखते हैं।
कहां कितना भेदभाव सहन करते हैं भारतीय?
आंकड़ों की बात करें तो स्विट्जरलैंड में रहने वाले करीब 17 फीसदी लोगों ने कभी न कभी नस्लीय भेदभाव का सामना करने की बात मानी है। ब्रिटेन में यह आंकड़ा 21 प्रतिशत के आसपास है, लेकिन वहां ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग का सिस्टम बेहतर है। जानकारों का कहना है कि स्विट्जरलैंड में असल में ऐसी कई घटनाएं होती हैं जो कभी रिकॉर्ड पर ही नहीं आतीं।
खासकर उन लोगों को निशाना बनाया जाता है जिनका स्किन टोन अलग है या जो आर्थिक रूप से वहां के आम लोगों से बेहतर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद इंटरनेट पर लोग वसुंधरा के स्टैंड की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई प्रवासी अपनी सुरक्षा और सम्मान को लेकर चिंता भी जता रहे हैं।
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