Sonu Sain Success Story: बच्चा नहीं अफसर है ये, मां-बाप की मौत के बाद मजदूरी कर VDO बना सोनू सैन
Sonu Sain 3.8 feet height Officer Rajasthan: ऑफिस में कुर्सी पर बैठा देख किसी अनजान व्यक्ति को एक बारगी तो लगता है कि जैसे यह किसी कर्मचारी-अधिकारी का कोई बच्चा होगा। हालांकि बाद में हकीकत जानकर वह भी सोनू सैन के बुलंद हौसलों को सैल्यूट किए बिना नहीं रहता।
सबसे कम हाइट का ग्राम सेवक
सोनू सैन की हाइट महज 3.8 इंच हैं। ये राजस्थान में सबसे कम हाइट वाले ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सेवक) हैं। वर्तमान में झुंझुनूं जिले की अलसीसर पंचायत समिति की कंकडेऊ कलां में ग्राम सेवक (VDO) पर पर कार्यरत हैं।

सोनू सैन की सक्सेस स्टोरी
28 वर्षीय सोनू सैन की सक्सेस स्टोरी कई मायनों में खास है। इन्होंने अपनी शारीरिक कमजोरी को ही ताकत बना लिया। कमजोर आर्थिक स्थिति में भी हार नहीं मानी। माता-पिता दोनों की मौत के बाद भी नहीं टूटा और राजस्थान ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा क्रैक कर डाली।
गांव तातीजा का रहने वाला है सोनू सैन
तीन फीट आठ इंच की हाइट वाला ग्राम सेवक सोनू सैन मूलरूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील के गांव तातीजा का रहने वाला है। मसलीसर में इनका ननिहाल है। सोनू ने कम उम्र में ही माता-पिता को खो दिया था।

16 साल की उम्र में खो दिए माता-पिता
मीडिया से बातचीत में सोनू सैन कहते हैं कि 'जब मैं महज दस साल का था तब पिता की मौत हो गई। फिर 16 साल का हुआ तब कैंसर की वजह से मां चल बसी। दो बहनों की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। तब मैं 11 कक्षा में पढ़ रहा था।'
चाय की दुकान पर मजदूरी की
मां-बाप की मौत के बाद सोनू सैन ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। पढ़ाई व घर खर्च निकालने के लिए चाय की एक दुकान पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान मामा-मामी ने खूब सहारा दिया। उनकी मदद व खुद की लगन से सोनू सैन ने पढ़ाई की और कॉलेज टॉपर बने।

बाड़मेर में मिली पहली पोस्टिंग
इसके बाद सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। रोजाना आठ-नौ घंटे पढ़े। सोनू की मेहतन रंग लाई और 12 अप्रैल 2023 को बाड़मेर जिले में ग्राम सेवक पद पर पहली पोस्टिंग मिली। फिर अलसीसर के कंकडेऊ में ट्रासंफर होकर आ गए। अभी सोनू राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अफसर बनने की तैयारी कर रहे हैं।
हाइट को लेकर बनता मजाक
मीडिया स बातचीत में सोनू सैन कहते हैं कि मेरी हाइट को लेकर बचपन से ही मजाक बनता रहा है। कक्षा में सारे बच्चे उम्र में तो समान, मगर हाइट में मुझसे बड़े होते थे। मैं सबमें बच्चा सा लगता था। शुरूआती दिनों में काफी असहज महसूस करता था। दोस्तों से बात करने, उनके साथ खड़े होने में शर्म आती थी।

दिल से हूं बैकबेंचर-सोनू सैन
सोनू सैन कहते हैं कि वैसे तो मैं दिल से बैकबेंचर हूं, मगर हाइट कम होने के कारण प्रार्थना सभा में सबसे आगे खड़ा कर दिया जाता था। अब नौकरी में आने के बाद कई बार अनजान लोग बच्चा समझ लेते हैं। मैंने हर परिस्थितियों का सामना धैर्य से किया है।












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