Rajasthan: पूर्व मंत्री Rajendra Gudha के पास वो Lal Diary कहां से आई, सियासी भूचाल मचाकर अब कहां गई?
Rajendra Gudha rajasthan: राजस्थान की सियासत में इन दिनों पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा व लाल डायरी सुर्खियों में है। सवाल ये है कि वो लाल डायरी गुढ़ा के पास कहां से आई
Lal Diary Rajasthan: राजस्थान की सियासत में इन दिनों लाल डायरी ने भूचाल मचा रखा है। लाल डायरी बर्खास्त मंत्री व राजस्थान के झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी सीट से विधायक राजेंद्र गुढ़ा राजस्थान विधानसभा लेकर पहुंचे थे। वे डायरी को विधानसभा में सदन के पटल पर रखना चाहते थे।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा कहते हैं कि उस लाल डायरी में राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जुड़े कई राज हैं। उसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त में दिए गए रुपयों के लेन-देन का हिसाब किताब है। हालांकि डायरी के अंदर हकीकत में क्या है? यह अभी तक सामने नहीं आया है।
अब सवाल यह उठता है कि राजस्थान की सियासत में भूचाल ला देने वाली वह लाल डायरी आखिर राजेंद्र गुढ़ा के पास कैसे पहुंची और लाल डायरी अब कहां गई?
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गुढ़ा धर्मेंद्र राठौड़ से लेकर आए लाल डायरी
मीडिया से बातचीत में राजेंद्र सिंह गुढ़ा कहते हैं कि वो लाल डायरी सीएम अशोक गहलोत के कहने पर उनके करीबी धर्मेंद्र राठौड़ के पास से लेकर आए थे। उस वक्त राठौड़ से लाल डायरी लाने की पूरी कहानी सीएम गहलोत को सुनाई तो उन्होंने कहा था कि 'गुढ़ा तुम्हें तो हॉलीवुड में होना चाहिए'
धर्मेंद्र राठौड़ कौन हैं?
धर्मेंद्र राठौड़ अपने पिता की मौत हो जाने के बाद उनकी जगह सरकारी नौकरी में आए। साल 2003 में अशोक गहलोत के पहले कार्यकाल में कर्मचारियों ने बड़ा आंदोलन धर्मेंद्र राठौड़ की अगुवाई में ही किया था। फिर धर्मेंद्र राठौड़ कर्मचारियों को छोड़ गहलोत के करीबी बन गए थे।
साल 2008 में अशोक गहलोत के दूसरे कार्याकाल में धर्मेंद्र राठौड़ को सीएम गहलोत ने राज्य बीज निगम का चेयरमैन बना दिया। साल 2020 में सचिन पायलट की बगावत में धर्मेंद्र राठौड़ ने फिर गहलोत का साथ दिया। उनके पक्ष में विधायक जुटाने के अभियान में लगे रहे। शायद यही वजह है कि सियासी संकट टलने के बाद गहलोत ने राठौड़ को राजस्थान पर्यटन निगम का अध्यक्ष बनाकर मंत्री का दर्जा दे दिया।
धर्मेंद्र राठौड़ के पास थी लाल डायरी
राजस्थान तक की एक खबर के अनुसार धर्मेंद्र राठौड़ अपनी दिनचर्या लाल डायरी में लिखा करते थे। सचिन पायलट की बगावत के दौरान उन्होंने डायरी में कथित तौर पर सीएम अशोक गहलोत से जुड़ीं कई बातें लिखी थीं। गुढ़ा दावा कर चुके हैं कि राठौड़ की उस डायरी में 500 करोड़ के लेन-देन का हिसाब है। सियासी संकट में सरकार बचाने के लिए विधायकों को दिए गए रुपयों का उल्लेख उस डायरी में है।
लाल डायरी तक कैसे पहुंचे राजेंद्र गुढ़ा?
सचिन पायलट की बगावत के समय इनकम टैक्स की टीम ने सीएम के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ के जयपुर स्थित घर में छापा मारा था। गुढ़ा की मानें तो तब धर्मेंद्र ने लाल डायरी को ठिकाने लगाने के लिए राजस्थान पुलिस से मदद मांगी। पुलिस एक विधायक के वहां छुपा होने का हवाला देकर राठौड़ की मदद करने पहुंची, मगर इनकम टैक्स के अधिकारियों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया था। फिर सीएम ने यह काम करने की जिम्मेदारी राजेंद्र गुढ़ा को सौंपी थी।
गुढ़ा फिल्मी स्टाइल में लेकर आए लाल डायरी
मीडिया की खबरों में दावा किया जा रहा है कि धर्मेंद्र राठौड़ के घर इनकम टैक्स के छापे के दौरान राजेंद्र गुढ़ा सीएम के गहने पर धीरज गुर्जर, एक पुलिस अधिकारी व करनी सेना के 30-40 कार्यकर्ताओं के साथ राठौड़ के घर पहुंचे। ये सब इनकम टैक्स की टीम से उलझ गए। राठौड़ के कर्मचारियों ने गुढ़ा को लाल डायरी के बारे में बताया तो वे सारी डायरियां उठाकर निकलना चाह रहे थे। तब वहां बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान आ गए। इस दौरान गुढ़ा ने रसोई से चाकू लाकर बालकनी में लगी जाली काटी और सारी डायरियां नीचे खड़े अपने साथी के पास फेंक दीं। फिर ये डायरी जला दी। गुढ़ा ने दावा किया कि उन्हीं डायरियों में से एक महत्वपूर्ण डायरी उनके पास थी, जिसे उन्होंने जलाया नहीं था।
अब कहां गई वो लाल डायरी?
मीडिया से बातचीत में गुढ़ा ने बताया कि वो लाल डायरी लेकर सोमवार को राजस्थान विधानसभा पहुंचे थे। मंत्री पद से बर्खास्त होने के कारण उन्हें विधायक की सीट पर बैठना था, मगर विधायक की सीट भी अलॉट नहीं की गई थी। फिर वे लाल डायरी सदन के पटल पर रखना चाह रहे थे तब कांग्रेस के मंत्री व राजस्थान विधानसभा के मार्शल उन पर टूट पड़े। न केवल मारपीट की बल्कि किसी ने वो लाल डायरी भी छीन ली।












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