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Rajendra Singh Gudha: राजस्‍थान का वो MLA, जो BSP से जीतकर कांग्रेस की गहलोत सरकार में 2 बार बना मंत्री

Rajendar Singh Gudha Biography in Hindi: राजस्‍थान सरकार में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेंद्र सिंह गुढ़ा को पद से बर्खास्‍त कर दिया गया है।

Rajendar Singh Gudha vs Ashok Gehlot Rajasthan: राजस्‍थान सरकार में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेंद्र सिंह गुढ़ा को शुक्रवार को पद से हटा दिया गया है। राजस्‍थान विधानसभा के मानसून सत्र में दिन में राजस्‍थान सरकार के खिलाफ बोलने वाले राजेंद्र गुढ़ा ने रात होते कार्रवाई हो गई। राज्‍यमंत्री का पद गंवाना पड़ा।

Rajendar Singh Gudha MLA Udaipurwati

दरअसल, राजस्‍थान विधानसभा में मणिपुर हिंसा के वायरल वीडियो पर बोलते हुए राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने राजस्‍थान की अशोक गहलोत सरकार को महिला सुरक्षा के मामले में नाकाम बताया। देर शाम सीएम अशोक गहलोत ने राजेंद्र सिंह गुढ़ा को मंत्री पद से हटाए जाने के लिए राज्‍यपाल से सिफारिश की, जिसे राज्‍यपाल ने मंजूर कर लिया।

राजस्‍थान सरकार में राज्‍यमंत्री बनकर राजस्‍थान सरकार के ही खिलाफ बोलने वाले विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा का राजनीतिक कॅरियर काफी दिलचस्‍प है। राजस्‍थान में ये वो नेता हैं, जो बसपा की टिकट पर चुनाव जीतकर दो बार विधानसभा पहुंचे हैं और दोनों ही बार बसपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम राजस्‍थान सरकार में मंत्री भी बने हैं।

राजस्‍थान के झुंझुनूं जिले में उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र के गांव गुढ़ा के रहने वाले राजेंद्र सिंह गुढ़ा व उनके परिवार की राजनीतिक यात्रा साल 2003 से शुरू होती है। तब राजेंद्र सिंह के छोटे रणवीर सिंह गुढ़ा राजनीति में सक्रिय थे। अब 15 साल से राजेंद्र सिंह गुढ़ा हैं।

Rajendar Singh Gudha Mantri

पहले छोटे भाई रणवीर बने विधायक

राजस्‍थान विश्‍वविद्यालय के छात्रसंघ अध्‍यक्ष रहे रणवीर सिंह गुढ़ा लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र (पहले गुढ़ा) से चुनाव जीतकर 2003 में राजस्‍थान विधानसभा पहुंचे। पांच साल तक विधायक रहे। इसी दौरान राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अपनी सियासी जमीन तैयार की।

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2008 परिणाम

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2008 में राजेंद्र सिंह गुढ़ा बसपा से टिकट पाने में सफल रहे और कांग्रेस उम्‍मीदवार विजेन्‍द्र सिंह को 7837 वोटों से हराया। पहली बार विधायक बने गुढ़ा ने 28 हजार 478 और विजेंद्र सिंह ने 20 हजार 641 वोट हासिल किए थे। तब राजस्‍थान में कांग्रेस जीती तो थी, मगर 200 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाई थी।

बसपा के सभी छह विधायकों का कांग्रेस में विलय

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2008 में कांग्रेस को 96, भाजपा को 78, निर्दलीय 14, बसपा को 6, माकपा, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी और जनता दल को एक-एक सीट मिली थी। सीएम अशोक गहलोत बने थे। सियासी जादूगरी दिखाते हुए गहलोत ने बसपा के राजेंद्र सिंह गुढ़ा समेत सभी छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर लिया था।

राजेद्र सिंह गुढ़ा पहली बार मंत्री बने

बसपा के छह विधायक कांग्रेस में शामिल होने पर अशोक गहलोत सरकार के पास विधायकों का आंकड़ा 102 हो गया था। तब साल 2009 में राजेंद्र सिंह गुढ़ा को अशोक गहलोत सरकार में पहली बार राजस्‍थान सरकार में आयोजना (जनशक्ति) स्‍वतन्‍त्र प्रभार, पर्यटन, कला साहित्‍य एवं संस्‍कृति, पुरातत्‍व तथा मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग का मंत्री बनाया गया था।

2013 में कांग्रेस की टिकट पर लड़ा चुनाव

पांच साल तक विधायक व मंत्री रहते हुए राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कांग्रेस का विश्‍वास जीत लिया और राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2013 में उदयपुरवाटी सीट से कांग्रेस की टिकट पाने में सफल रहे। राजेंद्र सिंह गुढ़ा साल 2013 का चुनाव भाजपा के शुभकरण चौधरी से 11,871 वोटों से चुनाव हार गए।

दूसरी बार में शुभकरण चौधरी के सामने हारे

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस उम्‍मीदवार राजेंद्र सिंह गुढ़ा को कुल 46 हजार 89 वोट मिले थे। जबकि भाजपा उम्‍मीदवार शुभकरण चौधरी 57 हजार 960 वोट पाकर विजेता बने। चुनाव हारने के बाद भी राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अपनी सियासी जमीन नहीं छोड़ी, हालांकि कांग्रेस का उनमें विश्‍वास खोता गया।

फिर बसपा से लड़ा चुनाव

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने राजेंद्र सिंह गुढ़ा का टिकट काटकर भगवानाराम सैनी को मैदान में उतारा। भाजपा ने शुभकरण चौधरी पर दांव लगाया। कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने पर राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने फिर बसपा के सामने हाथ फैलाया। एक बार धोखा करने के बावजूद फिर टिकट पाने में सफल रहे।

दूसरी बार भी बसपा से जीते

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2018 में 59 हजार 362 वोट पाकर राजेंद्र सिंह गुढ़ा उदयपुरवाटी से दूसरी बार विधानसभा में पहुंचे। कांग्रेस के भगवाना राम को 52 हजार 633 और भाजपा के शुभकरण चौधरी को 53 हजार 828 वोट हासिल हुए। इस बार भी जीतने के बाद राजेंद्र सिंह गुढ़ा कांग्रेस में मिल गए और अशोक गहलोत सरकार में राज्‍यमंत्री बन गए।

सचिन पायलट समर्थक हैं राजेंद्र सिंह गुढ़ा

राज्‍यमंत्री बनाए जाने के बावजूद राजेंद्र सिंह गुढ़ा सचिन पायलट का खुलकर समर्थन करते रहे। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सियासी मनमुटाव जगजाहिर हैं। अब राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2023 से चार माह पहले राजस्‍थान सरकार के खिलाफ बोलने पर राजेंद्र सिंह गुढ़ा को राज्‍यमंत्री पद गंवाना पड़ा है।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा का जीवन परिचय

  • 19 जुलाई 1968 को राजेंद्र सिंह गुढ़ा का जन्‍म माधोसिंह शेखावत व भंवर कंवर के घर हुआ।
  • राजेंद्र सिंह गुढ़ा झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र के गांव गुढ़ा के रहने वाले हैं।
  • राजेंद्र सिंह गुढ़ा की शादी निशा कंवर से हुई है। इनके बेटे का नाम शुभम गुढ़ा है।

यह भी पढ़ें- Rajendar Singh Gudha: राजेंद्र सिंह गुढ़ा दिन में CM गहलोत के खिलाफ बोले, रात को मंत्री पद से बर्खास्‍त


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