Bundi : बूंदी रियासत में राजपूत समाज के 'राजा' ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाडा ने संभाली 'गद्दी'
बूंदी, 12 दिसम्बर। देश को आजादी मिलने के साथ ही राजा-महाराजाओं और रियासतों का दौर खत्म हो गया था, मगर साल 2021 में किसी रियासत का 'राजा' चुनने का मामला राजा रजवाड़े की धरती राजस्थान के बूंदी जिले से सामने आया है।

बूंदी रियासत राजस्थान
बूंदी रियासत के राजपूत समाज ने यहां के 26वें राजा के रूप में भारतीय सेना के विशेष बल अधिकारी ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाडा को चुना है। हालांकि इस पद को लेकर लंबे समय से राजपूत समाज के दो पक्षों में विवाद भी चल रहा था।

पाग दस्तूर का कार्यक्रम बूंदी
बूंदी के रविवार को बूंदी के रंगनाथजी मंदिर में 12 दिसम्बर पाग दस्तूर का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें बतौर बूंदी रियासत उत्तराधिकारी ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाडा ने पदभार संभाला।

कौन हैं ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाडा?
- साल 1999 में आतंकवाद विरोधी अभियान और 2019 में सियाचिन ग्लेशियर ई क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए हाडा का विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया था।
-ब्रिगेडियर हाडा शौर्य चक्र से सम्मानित हैं।
-अब राजपूत समाज ने इन्हें बूंदी का राजा चुना है।
-भूपेश सिंह हाड़ा सियाचिन ब्रिगेड की कमान संभाली।
-एनएसजी कमांडर भी रहे।
-माउंट एवरेस्ट और माउंट ल्होत्से को फतह किया था।
-पैराट्रूपर और सैन्य गोताखोर भी रहे हैं।

बूंदी रियासत के उत्तराधिकारी का विवाद क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बूंदी की रियासत का साल 1948 में भारत में विलय हो गया था। कर्नल महाराव राजा बहादुर सिंह का जनवरी 2010 में निधन हुआ था। वे निःसंतान थे। इसके बाद से उत्तराधिकारी को लेकर विवाद चल रहा है। एक पक्ष की ओर से भूपेश सिंह हाडा और दूसरे पक्ष की ओर से वंशवर्धन सिंह को उत्तराधिकारी बनाने की बात कही जा रही थी।

समिति में अपील की गई
बता दें कि 12 दिसम्बर के इस पाग कार्यक्रम को टालने के लिए जिला क्षत्रिय शिक्षा प्रचारिणी समिति में अपील की गई थी। बूंदी रियासत के उत्तराधिकारी बनाने के मामले में गुर्जर समाज भी सामने आया। समाज के जिला अध्यक्ष देवलाल चांदना ने बयान जारी करते हुए बूंदी का असली हकदार उत्तराधिकारी वंशवर्धन सिंह को बताया है।












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