'मेरा बेटा दूर खड़ा था', केतन मर्डर केस में आरोपी चेतन के पिता का बड़ा दावा, 14 जून को भी हुई हत्या की कोशिश?

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। पुलिस इसे पहले से बनाई गई साजिश का नतीजा मान रही है, जबकि अब मुख्य आरोपियों में शामिल चेतन चौधरी के परिवार ने जांच की दिशा पर सवाल उठाए हैं। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने दावा किया है कि उनका बेटा इस घटना में शामिल नहीं है और उसे गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि जिस समय केतन अग्रवाल लोहागढ़ किले की घाटी में गिरे, उस समय चेतन वहां से काफी दूर खड़ा था। बाबूलाल का कहना है कि उनके बेटे ने कभी भी केतन को धक्का देने की बात नहीं मानी। दूसरी तरफ पुलिस का दावा है कि कई हफ्तों से चल रही योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं और जांच अभी जारी है।

Ketan Agarwal Murder Case

'मीटिंग का कहकर घर से निकला था'

बाबूलाल चौधरी के अनुसार, चेतन ने घर से निकलते समय अपनी मां को बताया था कि उसे एक बिजनेस मीटिंग में जाना है। उसने यह भी कहा था कि वह दोपहर तक वापस लौट आएगा। परिवार को उस दिन आगे क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं थी।

ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर के घर पसरा मातम, कौन थे भाई शाहिद अख्तर? अचानक कैसे हुई मौत?

चेतन के पिता ने कहा कि उन्हें घटना के बारे में तब जानकारी मिली जब पुलिस ने उनके बेटे को हिरासत में लिया। उनके मुताबिक, चेतन ने उन्हें बताया कि वहां बातचीत चल रही थी, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी उसे भी नहीं थी।

'केतन के सबसे पास सिया खड़ी थी'

बाबूलाल ने दावा किया कि पुलिस स्टेशन में हुई मुलाकात के दौरान चेतन ने साफ कहा था कि उसने केतन को धक्का नहीं दिया। उन्होंने बताया कि चेतन का कहना था कि वह कुछ दूरी पर खड़ा था जबकि सिया गोयल केतन के बिल्कुल पास मौजूद थी। हालांकि बाबूलाल ने सिया पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि किसी ने धक्का दिया या नहीं, लेकिन उनके बेटे का कहना है कि वह घटना वाली जगह से दूर था।

पहले कभी नहीं देखा था सिया को

परिवार का कहना है कि इस मामले के सामने आने से पहले वे सिया गोयल को जानते तक नहीं थे। बाबूलाल ने बताया कि उन्होंने पहली बार सिया को पुलिस की गाड़ी में देखा था। इससे पहले न तो उनकी मुलाकात हुई थी और न ही किसी तरह का परिचय था।

'मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है'

अपने बेटे का बचाव करते हुए बाबूलाल ने बार-बार कहा कि चेतन का इस मौत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि चेतन रोज दुकान पर काम करने जाता था और जिम्मेदार स्वभाव का लड़का है। उनका कहना है कि परिवार को शुरुआत में यह भी नहीं बताया गया था कि मामला हत्या से जुड़ा है।

पुलिस ने पहले क्या बताया?

बाबूलाल के मुताबिक, जिस रात पुलिस चेतन को घर से लेकर गई, उस समय परिवार को कोई साफ जानकारी नहीं दी गई। वह देर रात पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें सुबह आने के लिए कहा गया। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में पुलिस ने उन्हें बताया था कि यह धोखाधड़ी से जुड़ा मामला है और कुछ घंटों में चेतन को छोड़ दिया जाएगा। लेकिन अगले दिन उन्हें बताया गया कि मामला हत्या का है।

लोहागढ़ किले पर रची गई थी साजिश?

पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसकी तैयारी कई सप्ताह पहले शुरू हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार, सिया 31 मई को केतन के साथ लोहागढ़ किले गई थी। इसके बाद उसने 4 जून को फिर उसी जगह जाने पर जोर दिया। पुलिस को शक है कि पहली यात्रा के दौरान इलाके की जानकारी जुटाई गई थी और बाद में योजना को अंतिम रूप दिया गया।

बाली ट्रिप रद्द होने का भी जिक्र

जांच में एक रद्द हुई बाली यात्रा का भी जिक्र सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने की तैयारी थी। आरोप है कि सिया ने जानबूझकर केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि पासपोर्ट को एक फूड मॉल के टॉयलेट में फ्लश कर दिया गया, जिसके कारण पूरी यात्रा रद्द हो गई।

14 जून को भी हुई थी केतन को मारने की कोशिश?

पुलिस को शक है कि 14 जून को भी कथित योजना को अंजाम देने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद 18 जून को फिर से मौका तलाशा गया। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले ले जाया गया, जहां चेतन पहले से मौजूद था। जांच में यह आरोप लगाया गया है कि बाद में सिया और चेतन ने मिलकर केतन को घाटी की ओर धक्का दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

फिलहाल पुणे ग्रामीण पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि घटना से पहले किन-किन चरणों में कथित योजना बनाई गई और आरोपियों की भूमिका क्या रही।

ये भी पढ़ें: Ketan Agarwal Case: प्रेमी को 2000 कॉल्स-238 घंटे बातचीत, केतन की पीठ में कबसे छुरा घोंप रही थी मंगेतर Siya?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+