Ketan Agarwal: सगाई के बाद भी क्यों केतन का कत्ल? प्रेमी Chetan के कबूलनामे में खुली Siya की जुनूनी ख्वाहिशें
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल (26) की अपनी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) द्वारा लोहागढ़ किले में निर्मम हत्या का मामला दिन-प्रतिदिन और चौंकाने वाला होता जा रहा है। पूछताछ में चेतन ने सिया की जुनूनी ख्वाहिशों का खुलासा किया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
पुलिस के अनुसार, सिया केतन को 'रास्ते की रुकावट' मानती थी और सगाई टूटने या भागकर शादी करने के बजाय हत्या का रास्ता चुना, ताकि परिवार की इज्जत बनी रहे। यह केस सिर्फ एक प्रेम-त्रिकोण की हत्या नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर दिखावे, जुनून और ठंडी साजिश की दास्तां है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या-क्या थीं ख्वाहिशें?

Chetan-Siya का गुप्त रिश्ता और जुनूनी ख्वाहिशें
चेतन चौधरी ने पूछताछ में कबूल किया कि सिया गोयल से उसकी मुलाकात एक बिजनेस इवेंट में हुई थी। दोनों के बीच जल्दी ही गहरा रिश्ता बन गया। सिया केतन से सगाई के बाद भी चेतन से संपर्क बनाए रखे हुए थी।

चेतन ने बताया कि सिया बार-बार कहती थी, 'मुझे सिर्फ तेरा घर चाहिए, बाकी सब रास्ते से हटाना है।' वह सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि इससे उसके परिवार की बदनामी होती। सिया चाहती थी कि केतन 'दुर्घटना' में मर जाए, ताकि वह चेतन के साथ नया जीवन शुरू कर सके बिना किसी सामाजिक कलंक के परेह।
सोशल मीडिया पर झूठी परी कथा
सिया गोयल इंस्टाग्राम पर अपने और केतन के 'परफेक्ट रिलेशनशिप' को खूब प्रमोट करती थी।
- फरवरी 2026: सगाई की घोषणा।
- मार्च: मोमबत्तियों वाले केक की पोस्ट -'मेरे दिल को अपना घर मिल जाने का एक महीना पूरा हुआ।'
- मई: केतन द्वारा फूल देने का वीडियो वायरल- ''पसंद है तुम्हें' को बहुत सीरियसली लिया।' जन्मदिन काउंटडाउन, डांस वीडियो।
हत्या के कुछ घंटों बाद भी सिया ने केतन के लिए 'शोक' व्यक्त करते हुए भावुक पोस्ट डाली, 'मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़कर चला गया।' पुलिस इसे 'परफेक्ट क्राइम' छिपाने की कोशिश मान रही है।
Ketan Agarwal Murder की साजिश: तीन प्रयास, तीसरा कामयाब
- पहला प्रयास: बाली प्री-वेडिंग शूट से पहले सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया। ट्रिप रद्द हो गई।
- दूसरा प्रयास (14 जून): सिया केतन को लोहागढ़ किले ले गई। कथित तौर पर उसे धक्का दिया। केतन झाड़ी पकड़कर बच गया। सिया ने तुरंत 'सांप-सांप' चिल्लाकर मामला छिपाया और उसे गले लगा लिया।

- तीसरा प्रयास (18 जून): सिया ने जन्मदिन ट्रेकिंग का प्लान बनाया। हत्या से पहले वह चेतन से कैफे में मिली और अंतिम प्लान फाइनल किया। किले पर चेतन पहले से मौजूद था। दोनों ने केतन को खाई के किनारे ले जाकर धक्का दे दिया। केतन 400 फीट नीचे गिरकर मारे गए।
सिया ने पुलिस को बताया कि केतन फोटो खिंचवाते समय फिसल गए। लेकिन परिवार को व्यवहार संदिग्ध लगा।
अपराध कैसे खुला?
- भावहीन व्यवहार: हत्या के बाद सिया का पत्थर जैसा चेहरा और भावशून्य रवैया।
- सीसीटीवी फुटेज: चेतन को 33 डिग्री गर्मी में हूडी और हेडसेट पहने किले में देखा गया। सिया ने पीछे मुड़कर इशारा किया।

- कॉल डिटेल्स: जनवरी से जून तक 2004 कॉल्स, 238 घंटे बातचीत।
- लोकेशन: चेतन ने अपना फोन दुकान पर छोड़ दिया था।
- परिवार की शिकायत: केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने संदेह जताया।
लोनावला ग्रामीण पुलिस ने सिया और चेतन को गिरफ्तार किया। दोनों ने कबूलनामा दे दिया। 7 दिन की पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी है।
मोटिव: प्रेम, लालच या दोनों?
पुलिस जांच में दो बड़े मोटिव सामने आए हैं:-
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व्यक्तिगत रिश्ता: सिया चेतन के साथ नया जीवन चाहती थी।
- वित्तीय: केतन का रियल एस्टेट बिजनेस। परिवार की संपत्ति का लालच भी हो सकता है।
- सिया गोयल: 20 वर्ष, केतन की मंगेतर। उदयपुर में 17 करोड़ रुपये की भव्य शादी प्लान की जा रही थी।
- चेतन चौधरी: 22 वर्ष, कोंढवा, पुणे। सिया का प्रेमी।
सगाई के बाद हत्या करना इसलिए चुना गया क्योंकि सिया परिवार की इज्जत और सामाजिक स्टेटस को बनाए रखना चाहती थी। भागकर शादी करने से बदनामी होती, जबकि 'दुर्घटना' में सब कुछ 'नॉर्मल' रहता।
आरोपी कौन हैं?
किन धाराओं में मुकदमा दर्ज, 29 जून तक हिरासत में
दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या (धारा 103) और आपराधिक साजिश (धारा 61) के तहत केस दर्ज। 29 जून तक पुलिस हिरासत। फॉरेंसिक रिपोर्ट, इंजरी पैटर्न और कॉल रिकॉर्ड्स केस को मजबूत बना रहे हैं। सजा उम्रकैद या फांसी तक हो सकती है।
आगे क्या?
पुलिस कस्टडी में और खुलासे होने की संभावना है। क्या कोई और सहयोगी था? क्या वित्तीय लेन-देन शामिल था? फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य निर्णायक साबित होंगे।
सिया गोयल की जुनूनी ख्वाहिशों ने एक युवा जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। चेतन के कबूलनामे ने पूरे मामले की परतें खोल दी हैं। यह केस एक बार फिर याद दिलाता है कि प्रेम और विश्वासघात के बीच की रेखा बेहद पतली है। केतन अग्रवाल की आत्मा को शांति मिले और परिवार को न्याय मिले, यही कामना है।













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