‘जय हिंद सभा' में गरजे कांग्रेस नेता: पायलट बोले- PoK भारत का हिस्सा है, गहलोत ने उठाए RSS-सीजफायर पर सवाल
Barmer Jai Hind Sabha: राजस्थान के बाड़मेर में सोमवार को कांग्रेस की ओर से भारतीय सेना के सम्मान में 'जय हिंद सभा' का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हुई इस सभा में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नेताओं ने जहां भारतीय सेना की वीरता को सलाम किया, वहीं केंद्र सरकार और भाजपा पर भी तीखे सवाल खड़े किए।
सचिन पायलट ने दिया एकता का संदेश, PoK पर याद दिलाया संसद का प्रस्ताव
सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा, "पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद हमारी सेनाओं ने जिस साहस और शौर्य से पाकिस्तान में आतंकी अड्डों पर कार्रवाई की, उस पर पूरा देश गर्व करता है।" उन्होंने कहा, "1994 में सर्वसम्मति से संसद ने प्रस्ताव पारित किया था कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का हिस्सा है। अब समय आ गया है कि यह बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराई जाए कि जब भारत की अखंडता, कश्मीर और आतंकवाद की बात आती है, तब पूरा देश एकजुट होता है।"

पायलट ने यह भी कहा, "पहलगाम हमले के बाद अगर संसद का सत्र बुलाया जाता और एक साझा स्वर पूरी दुनिया को सुनाई देता, तो उसका असर कहीं अधिक होता। हमने आज तक यह नहीं पूछा कि आतंकी 400 किलोमीटर अंदर तक कैसे पहुंचे, क्योंकि आज सवाल जवाब का नहीं, बल्कि जवाब देने का है। देश को चोट लगी है और हम सब एक हैं।"
गहलोत ने RSS पर उठाए सवाल, कहा- तिरंगे से नहीं रहा कभी प्रेम
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "जिन लोगों को आज तिरंगे की सबसे ज्यादा चिंता है, वे ही कभी तिरंगे के खिलाफ थे। नागपुर स्थित RSS मुख्यालय में 80 वर्षों तक तिरंगा नहीं फहराया गया। अब ये लोग देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।"
गहलोत ने आरोप लगाया कि, "हमारे ही राज्य में भाजपा के एक विधायक तिरंगे से मुंह पोंछते हुए देखे गए। कुछ अन्य लोग रैलियों में तिरंगे को पैरों तले रौंद रहे थे। अगर भाजपा का बस चले तो ये तिरंगे को हटाकर संघ का झंडा राष्ट्रीय ध्वज बना दें।"
उन्होंने युद्धविराम को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। गहलोत बोले, "पाकिस्तान के साथ अचानक सीजफायर क्यों हुआ, और क्यों इसकी घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति ने की? यह भारत का आंतरिक मसला है। क्या अब भारत के लिए फैसले अमेरिका लेगा? ट्रंप जैसे नेताओं पर कैसे भरोसा किया जा सकता है? अगर कोई बातचीत हो रही थी, तो देश को बताना चाहिए था।"
रणदीप सुरजेवाला का तीखा वार: 'जब जीत रहे थे तो युद्ध विराम क्यों?'
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भी केंद्र सरकार से युद्धविराम को लेकर तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा, "जब हमारी सेना मोर्चे पर विजयी थी, पाकिस्तान की हालत पतली थी, तब किसके कहने पर युद्ध विराम किया गया? सेना से परामर्श लिए बिना इतना बड़ा फैसला क्यों लिया गया?"
सुरजेवाला ने अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा, "75 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ कि भारत की ओर से लड़े जा रहे युद्ध का विराम अमेरिका ने घोषित किया। आखिर अमेरिका को ये अधिकार किसने दिया? प्रधानमंत्री मोदी की इस मुद्दे पर चुप्पी क्या दर्शाती है? क्या दाल में कुछ काला है?"












Click it and Unblock the Notifications