लोंगेवाला पहुंचे सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी, यहां तैनात सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर में कैसे निभाई तगड़ी भूमिका?
Indian Army Chief General Upendra Dwivedi: भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी 19 मई 2025 को राजस्थान की जैसलमेर सीमा पर स्थित लोंगेवाला (Longewala Jaisalmer Rajasthan) पोस्ट पहुंचे, जहां उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस और समर्पण दिखाने वाले सैनिकों से मुलाकात की। यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहां 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना ने वीरता की मिसाल पेश की थी।
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार सेना प्रमुख ने कोंणार्क कोर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और ऑपरेशन 'सिंदूर' के अंतर्गत थलसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाइयों की समीक्षा की। उन्होंने इस समन्वय को "नई परिचालनिक सामान्य स्थिति" (New Operational Normal) बताया, जो पश्चिमी सीमा पर भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और सामरिक समन्वय का संकेत है।

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पश्चिमी सीमा पर सफल जवाबी कार्रवाई
जैसलमेर से कच्छ तक फैले रेगिस्तानी क्षेत्र में सेना, वायुसेना और BSF ने पाकिस्तान के ड्रोन व मिसाइल हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। सेना ने निगरानी प्रणालियों और वायु रक्षा सिस्टम को तेजी से तैनात कर, नागरिक प्रशासन के सहयोग से संभावित खतरों को समय रहते निष्क्रिय किया।
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लोंगेवाला दौरे पर कोंणार्क कोर के सैनिकों से बातचीत के दौरान सेना प्रमुख ने ऊर्जावान "शाबाश!" के साथ उनके साहस, प्रतिबद्धता और सीमा की सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से दुश्मन ड्रोन की घुसपैठ को नाकाम करने में सैनिकों की सतर्कता की प्रशंसा की, जिससे पाकिस्तान की कोई भी दुस्साहसी कार्रवाई सफल नहीं हो सकी।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना की परंपराएं, पेशेवराना क्षमता और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी, देश की संप्रभुता की रक्षा की गारंटी हैं। उन्होंने कठोर रेगिस्तानी परिस्थितियों और भीषण गर्मी में तैनात सैनिकों के साहस को राष्ट्र की ओर से नमन किया।

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ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक जवाब
22 अप्रैल 2025 - पहलगाम हमला: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की बैसरन घाटी में हमला कर 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। हमलावरों ने लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया।
7 मई 2025 - भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर: इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया और पाकिस्तान व पीओके स्थित आतंकियों के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस एयर स्ट्राइक में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के करीब 100 आतंकी मारे गए, जिनमें कई शीर्ष कमांडर भी शामिल थे।
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8-9 मई 2025 - पाक की बौखलाहट: ड्रोन-मिसाइल हमला: ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने 8 और 9 मई को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की सीमाओं पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। हालांकि, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन सभी हमलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया।
10 मई 2025 - पाकिस्तान ने मांगी सीजफायर: भारतीय सैन्य ताकत के सामने पाकिस्तान चार दिन भी नहीं टिक सका और अमेरिका की मध्यस्थता से सीजफायर की गुहार लगाने लगा। 10 मई की शाम को DGMO स्तर पर बातचीत के बाद सीजफायर की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि "ऑपरेशन सिंदूर अभी केवल स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं।"
ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों की सूची
(1) मुदस्सर खादियां खास उर्फ अबू जुंदाल - लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर। पाकिस्तान सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
(2) हाफिज मुहम्मद जमील - जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर का साला।
(3) मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी - जैश का ट्रेनिंग प्रमुख, IC-814 अपहरण का आरोपी।
(4) खालिद उर्फ अबू अकाशा - हथियारों की तस्करी और हमलों में शामिल लश्कर आतंकी।
(5) मोहम्मद हसन खान - जैश का पीओके कमांडर, कई आतंकी हमलों में शामिल।
लोंगेवाला युद्ध: भारतीय सेना की अमर गाथा
लोंगेवाला वही स्थल है जहां 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान 23 पंजाब बटालियन के मात्र 120 जवानों ने पाकिस्तान की पूरी टैंक रेजिमेंट को रोक कर वीरता की मिसाल कायम की थी। 4 दिसंबर की रात शुरू हुई यह लड़ाई भारतीय वायुसेना के सहयोग से 5 दिसंबर को भारतीय जीत के साथ समाप्त हुई। दर्जनों पाकिस्तानी टैंक तबाह हुए और लोंगेवाला भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया।
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