राजस्थान की कैसी है ओमिक्रॉन से लड़ने की तैयारी, जानिए सरकार ने कैसे किए बंदोबस्त
जयपुर, 06 दिसंबर: दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले मिलने वाले कोरोना के नए वैरिएंट से अब भारत में भी हड़ंकप मचा हुआ है। कर्नाटक में मिले पहले केस के बाद अब ओमिक्रॉन ने दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी दस्तक दे दी है। रविवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक साथ कोरोना के नए वैरिएंट के 9 मरीज मिलने से दहशत फैल गई। प्रदेश में मिले खतरनाक वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' के नए मामलों में एक ही परिवार के 4 सदस्य सहित इसी फैमिली के कई रिश्तेदारों सहित 9 लोग हैं। रविवार को सभी लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उनका राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर (RUHS) में भर्ती कराया गया है। नए मामलों के आने के बाद अब प्रदेश में नए वैरिएंट के मामलों के बढ़ने की चिंता भी बढ़ने लगी है। इस बीच सवाल उठता है कि आखिर जब ओमिक्रॉन राजस्थान में आ गया है तो सरकार की इससे निपटने के लिए तैयारियां कैसी है?

जयपुर बना सबसे ज्यादा केस वाला शहर
जानकारी के मुताबिक जयपुर में 'ओमिक्रॉन' पॉजिटिव फैमिली में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे हाल ही में 25 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से जर्नी करके दुबई से मुंबई होते हुए जयपुर पहुंचे थे। जिसके बाद उनके संपर्क में आने के बाद उनके 5 रिश्तेदार भी इस खतरनाक वायरल की चपेट में आ गए। सभी का जयपुर के RUHS में इलाज किया जा रहा है। वहीं उनके कॉन्टैक्ट में आए और लोगों पर भी कड़ी निगरानी रखी दा रही है। इधर, रविवार को कोरोना के नए वैरिएंट के मामले सामने आके बाद राजस्थान भारत का पांचवा प्रदेश बन गया, जहां जहां ओमिक्रॉन की एंट्री हो चुकी है। इसी के साथ जयपुर ऐसा शहर बन गया है, जहां ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा पॉजिटिव केस हैं।
राजस्थान सरकार की जानिए तैयारी
वहीं ओमिक्रॉन की दहशत के बाद बाद राजस्थान सरकार भी इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी में है। जयपुर में 300 आईसीयू समेत 1200 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड तैयार किए जा चुके है। दरअसल, ओमिक्रॉन के आने के बाद इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि पूरा देश संभावित तीसरी लहर की चपेट में आ सकता है। ऐसे में जो गलतियां दूसरी लहर के दौरान राज्यों ने की अब उसको दोहराने का वक्त नहीं है। ऑक्सीजन, बेड से लेकर दवाओं तक पर सरकार को पैनी नजर रखनी पड़ेगी।
5वां फ्लोर ओमिक्रॉन वायरस के मरीजों के लिए रिजर्व
जानकारी के मुताबिक आरयूएचएस में टोटल 1200 बेड हैं। जिसमें से आईसीयू और वेंटिलेटर के 300 बिस्तर हैं। 900 बिस्तर ऑक्सीजन सपोर्ट के हैं। लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक सभी 1200 बेड में से 90 प्रतिशत पर पाइपलाइन से ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है। वहीं अस्पताल के 5वें फ्लोर को ओमिक्रॉन वायरस के मरीजों के लिए रिजर्व किया गया है। यहां 60 जनरल बिस्तर हैं, जो हाई फ्लो ऑक्सीजन के है। इसी के साथ तीसरी मंजिल के आईसीयू सेक्शन को भी रिजर्व किया है। छोटे बच्चों के लिए अलग 20 बेड की व्यवस्था की गई है।












Click it and Unblock the Notifications