क्या पंजाब कांग्रेस में भी पनप रहा है परिवारवाद, CM चन्नी के भाई भी चुनाव लड़ने की कर रहें हैं तैयारी
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी दल रणनीति तैयार कर चुनाव प्रचार प्रसार में जुट चुकी है।
चंडीगढ़, 9 दिसम्बर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी दल रणनीति तैयार कर चुनाव प्रचार प्रसार में जुट चुकी है। वहीं पंजाब में कांग्रेस में विधानसभा चुनाव की अलग तरह से तैयारी की जा रही है। एक तरफ़ पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जनता से किए वादे आचार संहिता लगने से पहले पूरा करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, ताकि इसका सियासी माइलेज लिया जा सके वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह भी विधानसभा चुनाव लडने की तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने पंजाब के चुनावी रण में क़िस्मत आज़माने के लिए सीनियर मेडिकल अफ़सर पद से इस्तीफ़ा भी दे दिया है।

CM चन्नी के भाई लड़ेंगे चुनाव
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह खरड़ सिविल अस्पताल में बतौर सीएमओ काम कर रहे थे। चूंकि सरकारी पद पर तैनात व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। इस्तीफ़ा देने के बाद से वह फतेहगढ़ साहिब के बसी पठानां विधानसभा क्षेत्र में एक्टिव हो गए हैं। आपको बता दें कि यह विधानसभा क्षेत्र एससी वर्ग के लिए रिजर्व है। इसलिए डॉ. मनोहर सिंह ने इस विधानसभा क्षेत्र को चुनते हुए लोगों से मुलाक़ात करना शुरू कर चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में दांव आजमाने के लिए बसी पठानां में अपना दफ़्तर भी खोल दि या है। ग़ौरतलब है कि डॉ. मनोहर का कहना है कि अगर कांग्रेस आलाकमान ने मंजूरी दी तो वह बसी पठानां विधानसभा क्षेत्र से ज़रूर चुनाव लड़ेंगे।

पंजाब कांग्रेस में परिवारवाद !
पंजाब की सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि अब पंजाब कांग्रेस में भी परिवारवाद पनपने लगा है यही वजह है कि बसी पठानां से कांग्रेस के ही विधायक होने के बावजूद मुख्यंमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ मनोहर सिंह यहां से चुनाव लडने की तैयारी कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि बसी पठाना में पहले से ही कांग्रेस के विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी हैं, लगातार दूसरी बार वह टिकट के दावेदार हैं। इसके बावजूद सीएम चन्नी के भाई यहां से चुनाव लड़ने की ख़्वाहिश कर रहे हैं। वहीं गुरप्रीत सिंह जीपी का कहना है कि उन्हें भरोसा मिला है कि क्षेत्र में कराए विकास कार्यों की बदौलत दोबारा टिकट उन्हें ही दिया जाएगा। उन्होंने सवाल भी उठाए कि एक ही परिवार में 2 सदस्यों को टिकट कैसे मिल सकती है। डॉ मनोहर सिंह की वजह से पंजाब कांग्रेस में फिर से फूंट पड़ने के संकेत मिल रहे हैं।

बसी पठानां से लड़ सकते हैं चुनाव
सीएम चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह ने पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान ही बसी पठानां में गतिविधियां शुरू कर दी थी। नंदपुर कलौर के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में तैनाती के वक्त वह लोगों के बीच खूब चर्चा में रहे थे। इसी वजह से वहां के मौजूदा कांग्रेसी विधायक गुरप्रीत जीपी ने उनका तबादला करवा दिया था। आपको बता दें कि डॉ. मनोहर एनेस्थिसिया में पोस्ट ग्रेजुएट होने के साथ जर्नलिज्म में एम ए और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से लॉ ग्रेजुएट भी हैं। वह अपनी योग्यता और समाजिक कार्यों को आधार बनाते हुए खुद को बसी पठानां से विधायक पद का उम्मीदवार बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। उनकी कोशिश है कि कांग्रेस की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरें। अब देखना यह होगा की बसी पठाना से कांग्रेस किसे टिकट देती है।
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