पंजाब में स्वास्थ्यकर्मियों ने बिगाड़ी स्वास्थ्य विभाग की तबियत, जानिए क्या है पूरा मामला
पंजाब रोडवेज़ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के हड़ताल के बाद के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के कॉनट्रैक्ट कर्मचारियों की वजह चन्नी सरकार की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है।
चंडीगढ़, 9 दिसंबर 2021। कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िमों की वजह से पंजाब सरकार की मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही हैं। पंजाब रोडवेज़ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के हड़ताल के बाद के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के कॉनट्रैक्ट कर्मचारियों की वजह चन्नी सरकार की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। लुधियाना में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे कॉन्ट्रैक्ट करीब एक हज़ार कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से पंजाब में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। एक तरफ़ ओमिक्रोन का ख़तरा मंडा रहा है वहीं दूसरी ओर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल ने कोरोना की आरटीपीसीआर जांच में कमी ला दी है।

आरटीपीसीआर जांच की रफ्तार धीमी
आरटीपीसीआर जांच की रफ्तार धीमी होने की वजह से पंजाब स्वास्थ्य विभाग को जांच सैंपल स्टोर करना पड़ रहा है। इसके साथ ही गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी में भी 28 कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिम दो दिनों से हड़ताल पर है। यूनिवर्सिटी के वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरटरी में कांट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग पर रखे कर्मचारियों के हडताल पर जाने से काफ़ी परेशानी हो रही है। 28 मुलाज़िमों में दो रिसर्च साइंटिस्ट, छह रिसर्च असिस्टेंट, आठ लैब टेक्नीशियन, तीन लैब अटेंडेंट, तीन स्वीपर और आठ डेटा एंट्री आपरेटर शामिल हैं। ग़रतलब है कि होशियारपुर जिले से आने वाले सैंपलों की जांच इस लैब में की जाती है। सैंपलों की जांच दो दिनों से नहीं हो रही है।

हड़ताल से हो रही परेशानी
लुधियाना के सैंपल भी जांच के लिए दो महीने पहले तक इसी लैब में भेजे जाते थे जब से कोरोना के केस कम हुए यहां सैपल नहीं भेजे जा रहे थे। आपको बता दें कि इस लैब में एक दिन में पांच हजार सैंपलों की जांच करने की क्षमता की है। फिलहाल दो महीने से रोजाना दो हजार सैंपलों की जांच की जा रही है। वहीं पटियाला के सरकारी मेडिकल कालेज के वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी के कांट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग पर रखे मुलाज़िम भी हड़ताल पर हैं। कॉन्टैक्ट मुलाज़िमों के हड़ताल पर जाने से आरटीपीसीआर सैपलों की जांच नहीं हो पा रही है। लुधियाना जिले की बात की जाए तो वहां रोज़ाना चार हजार सैंपल लिए जा रहे हैं। जिसमे सिर्फ़ एक हज़ार सैंपल पटियाला के लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

तीन बाद मिल रही है जांच रिपोर्ट
पटियाला के लैब में भेजने के बाद बचे सैंपलों को सिविल अस्पताल के आइडीएसपी समेत दूसरे कलेक्शन सेंटरों में स्टोर किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से पटियाला लैब की तरफ़ से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह बोला गया है कि एक दिन में सिर्फ़ एक हज़ा सैपल ही जांच के लिए भेजें। ग़ौरतलब है कि जांच के लिए भेजे जा रहे आरटीपीसीआर सैंपलों की रिपोर्ट भी अब वक्त पर नहीं मिल रही है। जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का वक़्त लग रहा है। पहले 24 घंटे में रिपोर्ट मिल जाती थी। कोरोना के वैरिएंट का पता लगाने के लिए पहले पाजिटिव सैंपल पटियाला भेजे जा रहे थे। कर्मचारियों की कमी के कारण लैब ने जीनोम सिक्वेंसिंग करने से मना कर दिया है। अब पाजिटिव सैंपल दिल्ली भेजने पड़ रहे हैं। इसमें समय भी अधिक लग रहा है और विभाग का खर्च भी बढ़ गया है। ओमिक्रोन के दस्तक के बाद कॉन्ट्रैक्ट स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से पंजाब सरकार की मुश्किलें काफ़ी बढ़ सकती हैं।
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