Election Special: पठानकोट का सियासी इतिहास, क्या इस बार BJP फ़तह कर पाएगी अपना क़िला ?
पंजाब चुनाव विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पठानकोट विधानसभा सीट भी हॉट सीटों में शुमार है।
चंडीगढ़, 03 फरवरी 2022। पंजाब चुनाव विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पठानकोट विधानसभा सीट भी हॉट सीटों में शुमार है। पठानकोट ज़िला पंजाब में हमेशा किसी न किसी मुद्दे को लेकर सुर्खियों में रहता है। पठानकोट एक ज़िला होने के साथ ही हॉट विधानसभा सीटों में से एक है। पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार यहां से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनि शर्मा चुनावी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस की टिकट पर अमित विज चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही शिअद-बसपा गठबंधन की तरफ़ से ज्योती भीम बहुजन समाज पार्टी से चुनावी मैदान में हैं। आम आदमी पार्टी ने यहां से विभूति शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है। आज हम आपको यहां के सियासी इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं।

पठानकोट का सियासी इतिहास
पठानकोट के सियासी इतिहास की बात की जाए तो यह भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा क़ब्ज़ा नहीं जमा पाई थी। 2010 से 2017 तक इस विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का क़ब्ज़ा रहा है। 2007 के विधानसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर मास्टर मोहन लाल ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार अशोक शर्मा को 8 हज़ार 535 वोटों से हराया था। वहीं 2012 के विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने यहां क़ब्ज़ा जमाया था। भाजपा की टिकट पर अश्वनि शर्मा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार रमन भल्ला को 17 हज़ार 856 वोटों से हराया था। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी यहां से जीत दर्ज नहीं कर पाई थी।

2017 के चुनाव में बदल गया समीकरण
2017 के विधानसभा चुनाव में पठानकोट विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर अमित विज ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अश्विनी शर्मा को 11 हज़ार 170 वोटो से हराया था। वोट प्रतिशत की बात की जाए तो कांग्रे उम्मीदवार अमित विज को 50.86% (56 हज़ार 383) और भाजपा के अश्विनी शर्मा को 40.79% (45 हज़ार 213) वोट मिले थे। वहीं तीसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार राज कुमार रहे थे। उन्हों 5.45% (6, हज़ार 036 ) वोटों पर संतोष करना पड़ा था। आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अमित विज ने पहली बार क़िस्मत आज़माया था वहीं भाजपा के अश्ननि शर्मा ने दूसरी बार चुनावी बिगुल फूंका था।

इस बार 6 हज़ार 179 नए मतदाता जुड़े
पठानकोट जिले में कुल तीन विधानसभा क्षेत्र है। जिनमें पठानकोट, सुजानपुर और भोआ का नाम शामिल है। वहीं पठान कोट में कुल मतदाताओं की तादाद 1 लाख 52 हज़ार 261 है। इस इन तीनों विधानसभा में कुल मतदाता 5 लाख 919 हैं। इनमें 2 लाख 64 हज़ार 340 पुरुष मतदाताओं की तादाद है। वहीं महिला मतदाताओं की तादाद 2 लाख 36 हज़ार 571 हैं। वहीं 8 ट्रांसजेंडर मतदाता भी हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद यहां 6 हज़ार 179 नए मतदाता जुड़े हैं। पिछले विधानसभा चुनाव तीनों विधानसभा सीटों को मिलाकर यहां 4 लाख 94 हज़ार 740 मतदाताओं की तादाद थी लेकिन इस बार 5 लाख 919 मतदाताओं की तादाद है। इन मतदाताओं के अलावा जिला पठानकोट में 8 हज़ार 233 सर्विस वोटर भी हैं। सियासी जानकारों की मानें तो भाजपा के हालात किसान आंदोलन की वजह इस बार और भी ज़्यादा ख़राब है। भाजपा के लिए इस सीट पर क़ब्ज़ा जमाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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