Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पंजाब: चुनावी मैदान में निर्दलीय उतरे कांग्रेस के बाग़ी नेता, इन सीटों पर बिगड़ सकता है पार्टी का समीकरण

पंजाब में नामांकन प्रक्रिया ख़त्म होने के बाद सभी प्रत्याशी चुनावी तैयारियों में जुट हुए हैं। वहीं कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं।

चंडीगढ़, 03 फरवरी 2022। पंजाब में नामांकन प्रक्रिया ख़त्म होने के बाद सभी प्रत्याशी चुनावी तैयारियों में जुट हुए हैं। वहीं कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं, टिकट कटने की वजह से कांग्रेस के नेताओं ने बाग़ी तेवर अपना लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी के ख़िलाफ़ निर्दलीय पर्चा दाखिल करते हुए उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पंजाब में कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के बने बनाए समीकरण बिगड़ सकते हैं। कांग्रेस के बाग़ी नेताओं में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉक्टर सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं।

बस्सी पठाना सीट कांग्रेस के लिए चुनौती

बस्सी पठाना सीट कांग्रेस के लिए चुनौती

सीएम चन्नी के छोटे भाई डॉ. मनोहर सिंह कांग्रेस की टिकट पर बस्सी पठाना सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। चुनावी मैदान में उतरने के लिए उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से भी इस्तीफ़ा दे दिया और बस्सी पठाना से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए। कांग्रेस की तरफ़ से डॉक्टर मनोहर सिंह को टिकट नहीं दिया गया। इस बात से नाराज़ होकर उन्होंने बस्सी पठाना सीट से निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। सियासी जानकारों की मानें तो वह (डॉक्टर मनोहर सिंह) पिछले कोरोना काल से ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थै। इस बाबत उन्होंने जन संपर्क भी शुरू कर दिया था और जनता के बीच उनकी अच्छी पकड़ भी है। कांग्रेस प्रत्याशी और मौजूदा विधायक गुरप्रीत सिंह केपी के ख़िलाफ़ निर्दलीय पर्चा भरने से कांग्रेस के वोटो का ध्रुवीकरण हो सकता है। यह भी क़यास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस को इस सीट से हार मिल सकती है।

भदौड़ विधानसभा सीट बनी चुनौती

भदौड़ विधानसभा सीट बनी चुनौती

भदौड़ विधानसभा सीट से कांग्रेस की तरफ़ से चरणजीत सिंह चन्नी को टिकट मिलने की वजह से भी कांग्रेस नेताओं में नाराजगी है। चन्नी के ख़िलाफ़ भदौड़ विधानसभा सीट से मंजीत कौर ने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है। ग़ौरतलब है कि वह (मंजीत कौर) विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और मलोट से मौजूदा कांग्रेस विधायक अजायब सिंह भट्टी की पत्नी हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर अजायब सिंह भट्टी ने मलोट सीट से जीत दर्ज की थी। इस बार कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि टिकट कटने की वजह नाराज़ होकर भट्टी ने अपनी पत्नी को चुनावी समर में उतारा है। आपको बता दें कि मलोट सीट से भट्टी की जगह पर आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुईं रुपिंदर कौर रुबी को उम्मीदवार बनाया गया है।

नवांशहर सीट पर बढ़ी मुश्किलें

नवांशहर सीट पर बढ़ी मुश्किलें

कांग्रेस ने नवांशहर विधानसभा सीट मौजूदा विधायक अंगद सैनी का टिकट काट दिया, उन्होंने टिकट लेने की पुरज़ोर कोशिश की लेकिन कांग्रेस की तरफ़ से उन्हें उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया। उनकी जगह पर कांग्रेस ने नवांशहर विधानसभा सीट से सतबीर सिंह सैनी को चुनावी रण में उतार दिया। इस बात से नाराज़ होकर विधायक अंगद सैनी ने नवांशहर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया है। अंगद सैनी के निर्दलीय चुनाव लड़ने की वजह से कांग्रेस को चुनाव में खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि उनका टिकट कटने के बाद नवांशहर में कांग्रेस दो गुटों में बंट चुकी है। कुछ इसी तरह समराला विधानसभा सीट का हाल है, यहां से भी मौजूदा विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों का कांग्रेस ने टिकट काट दिया और उनकी जगह पर राजा गिल को टिकट दिया गया। इस बात से नाराज़ होकर अमरीक सिं ढिल्लों ने निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया है।

सुनाम विधानसभा के सियासी समीकरण

सुनाम विधानसभा के सियासी समीकरण

सुनाम विधानसभा सीट पर दमन बाजवा टिकट की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं लेकिन कांग्रेस ने उनकी जगह पर सुरजीत सिंह धीमान के बेटे जसविंदर सिंह धीमान को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। ग़ौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर दमन बाजवा चुनावी समर में उतरी लेकिन कामयाब नहीं हो पाई थी। पिछले विधानसभा चुनाव में हारने के बाद से ही उन्होंने अपनी सियासी पकड़ मज़बूत करने में जुट गईं थी। इस बार विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस की तरफ़ से टिकट की प्रबल दावेदार भी थीं लेकिन पार्टी की तरफ़ से उन्हें टिकट नहीं मिला। इस बात से नाराज दमन बाजवा ने निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया

सुल्तानपुर लोधी सीट पर कांटे की टक्कर

सुल्तानपुर लोधी सीट पर कांटे की टक्कर

कांग्रेस ने मौजूदा विधायक नवतेज सिंह चीमा को सुल्तानपुर लोधी विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किय़ा। वहीं इनके ख़िलाफ़ कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत के बेटे राणा इंद्रप्रताप सिंह ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार पर्चा दाखिल कर दिया है। ग़ौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत ख़ुद भी कपूरथला से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। कांग्रेस की तरफ़ खुशबाज जटाना को तलवंडी साबो से टिकट दिया गया है। वहीं इनके ख़िलाफ़ पूर्व विधायक और गुरमीत राम रहीम के समधी हरमिंदर जस्सी ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार पर्चा दाखिल किया है। आपको बता दें कि पिछली बार कांग्रेस की टिकट हरमिंदर जस्सी चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी।

कांग्रेस के वोटों का हो सकता है ध्रुवीकरण

कांग्रेस के वोटों का हो सकता है ध्रुवीकरण

कैबिनेट मंत्री और मौजूदा विधायक भरतभूषण आशु लुधियाना वेस्ट सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। वहीं इनके ख़िलाफ़ कांग्रेसी नेता किशन कुमार बावा ने बतौर निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है। इन सब मुद्दों पर सियासी जानकारों की मानें तो सभी सीटों पर जहां कांग्रेस के बाग़ी नेताओं ने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है, वहां कांग्रेस के वोटों का ध्रुवीकरण हो सकता है। इसके पीछे उन्होंने वजह बताई की सभी इस उम्मीद में जन संपर्क कर रहे थे कि उन्हें कांग्रेस की तरफ़ से टिकट मिलेगा अचानक पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। कांग्रेस की टिकट पर दूसरे प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। जो प्रबल दावेदार थे उन्होंने निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया और वह जनता से मुलाक़ात कर पहले अपने लिए वोट की अपील कर चुके थे। इसलिए चुनावी समर में कांग्रेस के बाग़ी नेताओं के निर्दलीय उतरने से पार्टी का समीकरण बिगड़ सकता है।


ये भी पढ़ें : पंजाब: 20 सालों से पटियाला में रहा है कैप्टन का क़ब्ज़ा, क्या इस बार अमरिंदर सिंह बचा पाएंगे अपना क़िला ?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+