Puranpur: माँ-बाप के झगड़ों की भेंट चढ़ी दो बेटियां, जहर खाकर कहा- 'अब करते रहो लड़ाई, अलविदा!'
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमे दो सगी बहनों ने जहर खा कर मौत को गले लगा लिया। वजह ये थी कि उनके माता-पिता के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। हैरानी की बात ये भी है कि दोनों बेटियां आखिरी सांस तक इलाज कराने के लिए भी तैयार नहीं हुई। लिहाजा दोनों ने साथ-साथ जहर खाया और साथ में ही दम तोड़ दिया।
दो सगी बहनों ने खाया जहर
बता दें कि ये पूरा मामला पीलीभीत की पूरनपुर तहसील का है। यहां के एक सभासद आसिम की बेटियां कशिश और मुन्नी मां-बाप के आए दिन के झगड़े से इस कदर आहत हो गई थीं कि उन्होंने जीने की ख्वाहिश ही छोड़ दी। रविवार को दोनों ने जहर खा लिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। दोनों होनहार बहनों की मौत से मोहल्ले के लोग सकते में हैं।

माता-पिता के झगड़ों से परेशान थी छात्राएं
प्राप्त जानकारी अनुसार कशिश और मुन्नी के माता-पिता में कई दिनों से झगड़ा हो रहा था। बताया जा रहा है कि आसिम की पत्नी सिम्मी को शक था कि आसिम छिप कर अपने भतीजों की आर्थिक मदद कर रहा है। इसी को लेकर दोनों के बीच आए दिन बवाल हो रहा था। कशिश और मुन्नी इस झगड़े से काफी परेशान थीं, लेकिन घर में कोई भी इसे समझने को तैयार नहीं था।

एक साथ खाया दोनों बहनों ने जहर
मोहल्ले के लोगों के मुताबिक रविवार को कशिश और मुन्नी के माता-पिता में विवाद इतना बढ़ गया कि सिम्मी मायके जाने की तैयारी करने लगीं। ये देख पहले से परेशान दोनों बेटियां काफी गुस्सा हो गई और अपनी जीवन लीला समाप्त करने की ठान ली। जिसके बाद दोनों ने दोपहर करीब 12.30 बजे एक साथ जहर खा लिया।

सीएचसी में इलाज तक नहीं करा रहीं थीं दोनों बहनें
जहर खाने के बाद पहले कशिश की हालत खराब होने पर उसे सीएचसी लाया गया। कुछ ही देर में छोटी बहन मुन्नी की भी हालत खराब होने लगी। दोनों इस कदर गुस्से में थी कि सीएचसी में इलाज तक नहीं करा रहीं थीं। सीएचसी के डॉ. सौरभ गंगवार की मानें तो उन्होंने दोनों को उल्टियां कराने का प्रयास किया लेकिन वे दवा लेने के लिए तैयार नहीं थी। डॉक्टर ने बताया कि दोनों बहनें जब अस्पताल लाई गईं तब तक उनकी हालत बहुत गंभीर हो चुकी थी। वे इलाज में सहयोग भी नहीं कर रही थीं।

पढ़ने में थीं होशियार, कोटा जाने की थी तैयारी
आपको बता दें कि आसिम रजा की दोनों बेटियां पढ़ने में काफी होशियार थीं। आसिम रजा ने बताया कि दोनों पुत्रियों के मेधावी होने के चलते उनको पढ़ाई के लिए कोटा भेजने की सोच रहे थे। मगर दोनों की मौत ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। दोनों बेटियों की मौत के बाद आसिम रजा व उनका परिवार पूरी तरह से टूट गया है।
उधर, बेटियों की मौत के बाद परिवार वाले शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराना चाह रही थी। देर शाम तक इसको लेकर परिजन और पुलिस अधिकारियों की बातचीत चलती रही। जिसके बाद परिजन राजी हुए और रात करीब 9 बजे पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजे।
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