2015 के बिहार चुनाव में क्या-क्या हो रहा पहली बार
पटना (मुकुन्द सिहं)। 16वीं विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव के पहले चरण मे निर्वाचन आयोग से लेकर राजनीति दलों ने भी कई मायने में नया इतिहास लिखने मे सफलता हासिल की है। इतिहास तभी लिखा जाता है, जब कोई काम पहली बार हो।
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चलिये तस्वीरों में देखते हैं बिहार में पहली बार क्या-क्या हो रहा है-

ईवीएम पर फोटो
मतदाताओं को पहली बार प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह के साथ फोटो देखकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का बटन दबाने का मैका मिला है।

ईवीएम से निकली पर्ची
पहली बार वोट देने के बाद इवीएम से एक पर्ची निकली, जिसमे उम्मीदवारों का नाम, क्रमांक और चुनाव चिन्ह दर्ज थे।

पहली बार कनफरमेशन
पहली बार मतदाताओं को यह पता चला कि उसका मत वांछित उम्मीदवार के पक्ष में गया या नहीं।

सोशल मीडिया प्रचार
पहली बार फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्स ऐप के जरिये बिहार में वृहद स्तर पर चुनाव प्रचार हो रहा है।

सोशल मीडिया पर जानकारी
पहली बार मतदाताओं फेसबुक, ट्विटर,और ह्वाट्स-ऐप के जरिए जानकारी हासिल करने सुविधाएं मुहैया कराई गई है।

सोशल मीडिया पर शिकायत
पहली बार मतदाताओं फेसबुक, ट्विटर,और ह्वाट्स-ऐप के जरिए शिकायत करने का मौका मिला है।

नो स्मोकिंग
पहली बार मतदान केन्द्र को नो स्मोकिंग जोन घोषित किया गया।

नक्सलियों पर ड्रोन से नजर
पहली बार नक्सलगतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे से लैस ड्रोन विमान उपयोग में लाए गए।

बिहार पुलिस बाहर
पहली बार मतदान प्रक्रिया पूरी तरह स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाने के लिए सभी केन्द्रों से बिहार पुलिस को बाहर रखा गया।

सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल
पहली बार समाधान सॉफ्टवेयर के जरिए जिला मुख्यालय से लेकर विधानसभा क्षेत्रवार आयोग की नजर रही है।

बड़ा भाई भाजपा
पहली बार भाजपा एनडीए गठबंधन में 160 उम्मीदवारों के साथ बड़े भाई की भूमिका में नजर आ रही है।

धुर-विरोधी पार्टियां
पहली बार धुर विरोधी पार्टियां जदयू, राजद, और कांग्रेस एक साथ मिल कर चुनाव लड़ रही हैं।












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