Drummer To PM Takaichi: ड्रमर, TV एंकर और फिर पहली महिला प्रधानमंत्री, फिल्मी है जापानी पीएम की कहानी

Drummer To PM Takaichi: भारत और जापान के रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर भारत पहुंची हैं। नई दिल्ली में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई, जहां दोनों नेताओं ने रक्षा, नई तकनीक और वैश्विक व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो आने वाले समय में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देंगे। ऐसे में सभी जापानी प्रधानमंत्री साने तकाइची के बारे में जानना चाहते हैं। साथ ही पता करना चाहते हैं कि कभी ड्रम बजाने का शौक रखने वाली साने पीएम के पद तक कैसे पहुंचीं।

रॉक बैंड की ड्रमर से प्रधानमंत्री बनने तक का सफर

साने ताकाइची का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने अमेरिका में टीवी एंकर के रूप में काम किया। इतना ही नहीं, उन्हें संगीत का भी शौक था और वे एक हेवी-मेटल रॉक बैंड में ड्रम बजाया करती थीं। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अपनी मेहनत के दम पर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का इतिहास रच दिया।

Drummer To PM Takaichi

अमेरिका में मिला राजनीति का अनुभव

ताकाइची का शुरुआती करियर काफी अलग रहा। अमेरिका में रहने के दौरान उन्होंने अमेरिकी सांसद पेट्रीसिया श्रोएडर के साथ काम किया। यहां उन्हें कानून बनाने की प्रक्रिया और राजनीतिक रणनीतियों को करीब से समझने का मौका मिला। इसी दौरान उन्होंने टीवी ब्रॉडकास्टिंग में भी काम किया। इन अनुभवों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति और प्रशासन की बेहतर समझ दी।

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32 साल की उम्र में संसद पहुंचीं

साने ताकाइची ने साल 1992 में पहली बार चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी। अगले ही साल यानी 1993 में केवल 32 साल की उम्र में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर जापान की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जगह बनाई। यह उनकी राजनीतिक यात्रा का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

शिंजो आबे की गाइडेंस में पनपी राजनीति

साल 1996 में ताकाइची जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) में शामिल हुईं। यहां उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का समर्थन मिला। आबे सरकार में उन्होंने आंतरिक मामलों और संचार मंत्री के रूप में काम किया और अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित की। उनकी कार्यशैली की वजह से वे पार्टी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल हो गईं।

आर्थिक सुरक्षा और रक्षा सुधारों पर किया काम

साल 2022 से 2024 के बीच, प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की सरकार में ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। खास तौर पर संवेदनशील तकनीक और सरकारी गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए Security Clearance System लागू किया, जिसे रक्षा विशेषज्ञों ने काफी महत्वपूर्ण कदम माना।

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तीसरी कोशिश में बनीं जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री बनने का सफर आसान नहीं था। उन्होंने 2021 में पहली बार LDP अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। फिर 2024 में दोबारा चुनाव लड़ा और पहले चरण में बढ़त हासिल करने के बावजूद अंतिम दौर में शिगेरू इशिबा से मामूली अंतर से हार गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार 2025 के आखिर में उन्होंने तीसरी बार चुनाव लड़कर शिंजीरो कोइजुमी को हराया और LDP की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। इसके बाद LDP-कोमेतो गठबंधन टूटने पर उन्होंने जापान इनोवेशन पार्टी के साथ नया गठबंधन बनाया और 21 अक्टूबर को जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

भारत-जापान रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली में हुई शिखर वार्ता के दौरान भारत और जापान ने रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने भविष्य की तकनीकों और निवेश को बढ़ावा देने का भी फैसला किया।

नई एशियाई रणनीति की शुरुआत

साने ताकाइची का सफर यह साबित करता है कि मेहनत, अनुभव और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी से बड़ी बाधाओं को पार किया जा सकता है। एक टीवी एंकर और रॉक बैंड की ड्रमर से जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। वहीं, उनका पहला विदेश दौरा भारत होना इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में भारत-जापान की रणनीतिक साझेदारी और भी मजबूत होगी और दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाएंगे।

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