वैशाली: जिंदा जलाई गई युवती की मौत के बाद 17वें दिन जागी पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार, एसएचओ सस्पेंड
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में छेड़खानी का विरोध करने पर 20 साल की युवती को जिंदा जलाने की जघन्य वारदात ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर युवती के लिए इंसाफ की मांग हो रही है, वहीं विरोधी दल के नेता भी इस मामले को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोल रहे हैं। चुनाव के दौरान 30 अक्टूबर को हुई इस वारदात पर पुलिस की खामोशी पर सवाल उठ रहे हैं। 15 दिन बाद पीएमसीएच में युवती की मौत के बाद जब परिजन कारगिल चौक पर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन पर उतरे तब जाकर इस बड़ी घटना के बारे में पता चला। सवालों के घेरे में खड़ी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17वें दिन एक आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिसिया कार्रवाई में हुई लापरवाही पर इलाके के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है।
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15 नवंबर को पटना के कारगिल चौक पर मृतका के शव को लेकर मां और अन्य परिजन प्रदर्शन करने लगे तब इस मामले में पुलिस जागी। पटना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया उसके बाद परिजन पीड़िता का अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। युवती को जिंदा जलाए जाने की इस घटना पर लोग नीतीश सरकार की आलोचना कर रहे हैं और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग रहे हैं। सतीश राय इस घटना का मुख्य आरोपी है जो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दूसरे आरोपी चंदन कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले का अब राजनीतिकरण भी होने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को ट्वीट करते हुए लिखा कि किसका अपराध ज्यादा खतरनाक है, जिसने यह अमानवीय कर्म किया या जिसने चुनावी फायदे के लिए इसे छुपाया ताकि इस कुशासन पर अपने झूठे सुशासन की नींव रख सके। एक स्थानीय अखबार ने यह दावा किया है कि चुनाव पर इस घटना का असर न पड़ जाय इसलिए पुलिस प्रशासन ने इतने बड़े मामले को सामने नहीं आने दिया। लापरवाही बरतने का आरोप झेल रहे पुलिस महकमे ने एसएचओ पर गाज गिराते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। पुलिस मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी करने के लिए छापेमारी कर रही है।












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