बच्ची को झाड़ी में फेंका, कारण जान हैरान हो जायेंगे!
पटना। जहां देश में इन दिनों बेटी बचाओ का नारा बुलंद किया जा रहा है। वहीं जन्म के चंद घंटे बाद एक नवजात बच्ची को उसी के माता-पिता ने गंगा के किनारे सुनसान जगह पर झाड़ियों में फेंक दिया और वहां से फरार हो गये। इतना पढ़ने के बाद आपके जहन में तमाम बातें आ रही होंगी- कहीं ये बच्ची नाजायज़ तो नहीं थी, कहीं ये बच्ची बिन ब्याही मां की तो नहीं थी... वगैरह-वगैरह। लेकिन असली कारण कुछ और ही था।
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हुआ यूं कि बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में मंगलवार की रात को एक बच्ची पैदा हुई, जिसके पैदा होने के कुछ ही घंटे बाद उसके माता-पिता अस्पताल से चले गये। दोनों ने बच्ची को गंगा नदी के किनारे झाड़ी में फेंक दिया। बच्ची रात भर रोती-बिलखती रही, लेकिन उसकी चीख किसी ने न सुनी।
बुधवार की सुबह नदी किनारे शौच करने गए एक व्यक्ति ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। बच्ची को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती होते ही अस्पताल कर्मियों ने बच्ची की पहचान कर ली। अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बच्चे का जन्म रात में हुआ था। रजिस्टर से पता चला कि बच्ची मिल्की मोहल्ला निवासी लुसो देवी की है।
पुलिस ने तुरंत एक टीम भेजी और बच्ची के पिता प्रमोद को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पिता से लिखित इकरारनामा लेने के बाद बच्ची को उसके हवाले कर दिया। पर जब ऐसा करने के पीछे का कारण पूछा तो प्रमोद ने ये जवाब दिया।
'प्रमोद का जवाब'
"मैं ठेला चलाता हूं। मेरे पांच बच्चे हैं और पांचों बेटियां। सोचा था बेटा कर लूं, लेकिन ईश्वर को शायद यह मंजूर नहीं था। इस बार (छठी) भी बेटी हुई। बहुत दु:ख हुआ, लेकिन जहां पांच बेटियां पाल रहा हूं, छठी को भी पाल लेता, लेकिन इस बच्ची के होंठ कटे हुए हैं, और तालू जन्म से ही नहीं है। मैं जिंदगी भर पैसा कमाने के बाद भी इसका इलाज नहीं करवा पाउंगा। बस यही सोच कर मैंने और मेरी पत्नी ने इस बच्ची को गंगा मैया के हवाले कर दिया था।"












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