फांसी की सजा से नवाज ने हटाया प्रतिबंध को गुस्साए आतंकी
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पेशावर में हुए आतंकी हमले के बाद मौत की सजा पर लगे प्रतिबंध को खत्म कर दिया था। इसके बाद से ही पाक में आतंकियों को फांसी देने का सिलसिला जारी है।

इस बात से गुस्साए आतंकी में पेशावर स्टाइल के हमलों में तेजी कर सकते हैं। पाक के एक सीनियर इंटेलीजेंस ऑफिसर की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।
पाक के एक इंटेलीजेंस ऑफिसर की ओर से दावा किया गया है कि तहरीक-ए-तालिबान के आंतकी पाक में पेशावर स्टाइल के हमलों को अंजाम देने की फिराक में हैं। आतंकी हमलों के लिए साजिश करने में बिजी हैं।
आतंकी पाक की अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों के साथ बराबर संपर्क बनाए हुए हैं। इस इंटेलीजेंस ऑफिसर की मानें तो ऐसा न हो इसके लिए पाक सरकार को जल्द से जल्द आतंकियों को फांसी दे देनी होगी।
पाक में वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो जब से देश में फांसी की सजा पर से प्रतिबंध हटा है तब से ही देश की अलग-अलग जेलों में बंद आतंकी अपने साथियों के साथ सपंर्क बनाए हुए हैं। हो सकता है कि सरकार के कदम के विरोध में वह किसी बड़े हमले को जल्द से जल्द अंजाम दे डालें।
इस अधिकारी की मानें तो इंटेलीजेंस के अलर्ट को नजरअंदाज करने का मतलब है देश को एक बड़ी मुसीबत की ओर धकेलना। इस अधिकारी की मानें तो पाक में जेलों की हालतइतनी बदतर है कि चंद हजार रुपए में अपराधियों को मोबाइल फोन या अन्य कोई गैजेट मुहैया करा दिया जाता है।
गौरतलब है कि 16 दिसबंर को पेशावर के आर्मी स्कूल पर हुए तहरीक-ए-तालिबान के हमले में 132 बच्चों के साथ 148 लोगों की मौत हो गई थी। आतंक के खिलाफ कड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने देश में फांसी पर लगी रोक हटा ली थी।












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