नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी के बेटों में कौन ज्यादा पढ़ा लिखा? एक बने पहली बार मंत्री दूसरे ने लगाई हैट्रिक
Nishant Kumar and Santosh Kumar Suman Education-Degree: बिहार की राजनीति में 7 मई 2026 का दिन कई मायनों में खास रहा। सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) के मुख्यमंत्री बनने के 22 दिन बाद उनकी कैबिनेट का पहला बड़ा विस्तार हुआ। इसमें कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा दो ऐसे चेहरों की रही, जिनका संबंध बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवार से है।
एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former CM Nitish Kumar) के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) पहली बार मंत्री बने, तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Former CM Jitan Ram Manjhi) के बेटे संतोष कुमार सुमन (Santosh Kumar Suman) को भी कैबिनेट में जगह मिली। दिलचस्प बात यह है कि दोनों नेताओं की पढ़ाई, करियर और राजनीति तक पहुंचने का सफर एक-दूसरे से काफी अलग रहा है। एक ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, जबकि दूसरे ने राजनीति विज्ञान में PhD हासिल की।

पहली बार मंत्री बने निशांत कुमार
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूर रहे। हालांकि पिछले कुछ महीनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी और अब उन्हें सम्राट चौधरी सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है।
निशांत कुमार की शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा में दाखिला लिया। वहां से उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
पढ़ाई पूरी करने के बाद निशांत कुमार ने कुछ समय तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम भी किया। बाद में उन्होंने निजी और आध्यात्मिक जीवन को ज्यादा महत्व दिया और राजनीति से दूरी बनाए रखी। साल 2026 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में एंट्री की और अब पहली बार मंत्री बने हैं।
संतोष कुमार सुमन की शिक्षा रही चर्चा में
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता संतोष कुमार सुमन पहले से ही बिहार की राजनीति में सक्रिय चेहरा रहे हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे हैं और शिक्षा के मामले में भी उनकी अलग पहचान रही है। संतोष कुमार सुमन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने नॉर्थ कैंपस से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। साल 2001 में उन्होंने UGC NET परीक्षा पास की थी।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने मगध यूनिवर्सिटी, बोधगया से Political Science में PhD की। उन्हें साल 2003 में डॉक्टरेट की उपाधि मिली। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर अक्सर राजनीतिक हलकों में चर्चा होती रही है।
पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे एक साथ कैबिनेट में
सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में इस बार कई नए और युवा चेहरों को मौका मिला है। इनमें निशांत कुमार और संतोष कुमार सुमन के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। दोनों नेता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे हैं, लेकिन दोनों का राजनीतिक और पेशेवर सफर पूरी तरह अलग रहा। इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।
एक तरफ निशांत कुमार तकनीकी शिक्षा और निजी जीवन से राजनीति में आए, जबकि दूसरी तरफ संतोष कुमार सुमन लंबे समय से राजनीति और अकादमिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। 7 मई को हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।












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