अब बदलेगा पोस्ट ऑफिस! सिंधिया ने दिल्ली में शुरू किया India Post Mission, 25 हजार डाकघरों का मेकओवर
देश के पुराने और पारंपरिक डाकघरों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने इंडिया पोस्ट को हाईटेक, डिजिटल और ग्राहक-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली के नेहरू प्लेस में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक आधुनिक डाकघर का उद्घाटन किया और साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में डाकघर सिर्फ चिट्ठियां पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि देश के बड़े लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सर्विस नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी भी मौजूद रहे।

नेहरू प्लेस से शुरू हुआ नया मॉडल (New India Post Model)
नेहरू प्लेस में तैयार किया गया यह नया डाकघर पारंपरिक सरकारी दफ्तरों से बिल्कुल अलग नजर आता है। यहां आधुनिक इंटीरियर, डिजिटल सर्विस सिस्टम, बेहतर बैठने की व्यवस्था और ग्राहक सुविधा पर खास फोकस किया गया है।
इस डाकघर को School of Planning and Architecture ने डिजाइन किया है। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ एक पोस्ट ऑफिस नहीं बल्कि इंडिया पोस्ट के भविष्य का ट्रायल मॉडल है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अब फोकस सिर्फ बैकएंड सिस्टम सुधारने पर नहीं बल्कि फ्रंट एंड ट्रांसफॉर्मेशन पर है, ताकि आम लोगों का अनुभव पूरी तरह बदला जा सके।
डेढ़ साल में बदलेंगे 25,091 डाकघर
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि अगले करीब डेढ़ साल में देशभर के 25,091 डाकघरों को इसी तरह आधुनिक रूप दिया जाएगा। सरकार की योजना है कि हर डाकघर को ग्राहक फ्रेंडली बनाया जाए। इसके तहत डिजिटल काउंटर, ओपन सर्विस एरिया, स्मार्ट वर्कस्पेस और तेज सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी।
सिंधिया ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभाग ने आईटी 2.0, 24x7 सेवाएं और तकनीकी सुधारों के जरिए अपनी क्षमता बढ़ाई है। अब जनता सीधे उस बदलाव को महसूस करेगी।
'डाक विभाग सिर्फ सेवा नहीं, देश की जीवनधारा'
अपने संबोधन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डाक विभाग सिर्फ सरकारी संस्था नहीं बल्कि देश की जीवनधारा है।
उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट देश के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है। पूरे भारत में करीब 1.65 लाख डाकघर मौजूद हैं। यानी हर चार गांव पर एक डाक सेवा केंद्र उपलब्ध है। जहां पोस्ट ऑफिस नहीं हैं, वहां इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक डिजिटल माध्यम से सेवाएं पहुंचा रहा है।
इंडिया पोस्ट अब सिर्फ चिट्ठियों तक सीमित नहीं (India Post Becoming Logistics Powerhouse)
डिजिटल इंडिया और ई-कॉमर्स के दौर में इंडिया पोस्ट की भूमिका तेजी से बदल रही है। सरकार अब इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर का बड़ा खिलाड़ी बनाने की तैयारी कर रही है।
सिंधिया ने कहा कि जल्द ही Postal Logistics Infrastructure Plan लाया जाएगा, जिससे देश में वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार होगा। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि इंडिया पोस्ट हर साल करीब 7.5 करोड़ पार्सल और 90 करोड़ चिट्ठियों की डिलीवरी करता है।
इसके अलावा:
- 13 करोड़ लोग इंडिया Post Payments Bank से जुड़े हैं।
- 40 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट सक्रिय हैं।
- खातों में 23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हैं।
- 15 करोड़ आधार कार्ड डाकघरों के जरिए बनाए गए हैं।
- 2.12 करोड़ पासपोर्ट सेवाओं में भी डाक विभाग की भूमिका रही है।
Cost Centre से Profit Centre बनने का लक्ष्य
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029-30 तक इंडिया पोस्ट को Cost Centre से Profit Centre में बदलना है। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में विभाग की आय 13,218 करोड़ रुपये से बढ़कर 15,296 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
सरकार का मानना है कि अगर लॉजिस्टिक्स, डिजिटल बैंकिंग और ई-कॉमर्स नेटवर्क को सही तरीके से जोड़ा जाए, तो इंडिया पोस्ट आने वाले समय में देश की सबसे मजबूत सर्विस एजेंसियों में शामिल हो सकता है।
क्यों अहम है यह बदलाव?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इंडिया पोस्ट के पास देश के सबसे दूरदराज इलाकों तक पहुंच है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। अब सरकार इसी नेटवर्क को डिजिटल और कमर्शियल ताकत में बदलना चाहती है। इससे गांवों तक बैंकिंग, बीमा, पार्सल और सरकारी सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी। नेहरू प्लेस से शुरू हुआ यह मॉडल अगर सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत का पोस्ट ऑफिस सिस्टम पूरी तरह बदल सकता है।












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