डोनाल्ड ट्रंप से मदद के बदले पाकिस्तान के पीएम इमरान को मिला बेइज्ज्ती वाला जवाब
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न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क में सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई। इस मुलाकात में ट्रंप के तेवर बहुत बदले हुए थे और इमरान खान ने जब ट्रंप से मदद मांगी तो उन्होंने इस मांग पर गंभीरता से ध्यान देने की बजाय, इमरान पर तंज कस दिया। यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (उंगा) के शुरू होने से पहले दोनों नेताओं की मीटिंग के कई मायने निकाले जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर से पांच अगस्त को आर्टिकल 370 के हटाए जाने के बाद इमरान खान की ट्रंप से से यह पहली मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेताओं ने 22 जुलाई को व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी।

इमरान ने की थी अपील
इमरान ने सोमवार को ट्रंप के साथ मुलाकात में एक बार फिर गुहार लगाई कि वह भारत, अफगानिस्तान और ईरान के साथ पाकिस्तान की समस्याओं को सुलझाने में मदद करें। इस पर ट्रंप ने मजाक किया और कहा, 'आपको पता है कि आप बहुत ही दोस्ताना पड़ोस में रहते हैं।' इस पर इमरान ने कहा, 'दुनिया के सबसे ताकतवर देश की कुछ जिम्मेदारियां हैं।' इसके बाद ट्रंप ने वॉर्निंग देने के अंदाज में ट्रंप से कहा, 'कश्मीर में संकट बहुत बड़ा होने वाला है।'

मध्यस्थता पर क्या दिया जवाब
ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर से कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया। ट्रंप ने दोहराया कि अगर भारत और पाकिस्तान चाहें तो वह मदद करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि वह एक बहुत ही बेहतर मध्यस्थ हैं और अगर दोनों पक्ष चाहते हैं तो वह कश्मीर मसले में मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। ट्रंप और इमरान की मुलाकात रविवार को ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम के बाद हुई थी। आज रात ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बार फिर से मुलाकात होनी है।

एक मंच पर आए मोदी-ट्रंप
सोमवार को ट्रंप और इमरान की मुलाकात ह्यूस्टन में आयोजित कार्यक्रम हाउडी मोदी के बाद हो रही थी। अमेरिका के टेक्सास राज्य के सबसे बड़े शहर ह्यूस्टन में मेगा इवेंट 'हाउडी मोदी' में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ मंच साझा किया। इस मेगा इवेंट में करीब 50,000 भारतीय अमेरिकियों ने शिरकत की थी। यहां पर डोनाल्ड ट्रंप ने बतौर राष्ट्रपति पहली बार चरमपंथी इस्लामिक आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था।

भारत को बॉर्डर सिक्योरिटी का अधिकार
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका मासूम भारतीय-अमेरिकियों को चरमपंथी इस्लामिक आतंकवाद से बचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।' ट्रंप ने जैसे ही यह बात कही स्टेडियम में मौजूद भारतीयों और पीएम मोदी ने उनके लिए खड़े होकर तालियां बजाईं। राष्ट्रपति 30 मिनट तक मंच पर मौजूद थे। ट्रंप ने कश्मीर पर कोई बात नहीं की लेकिन साफतौर पर कहा कि अमेरिका की तरह भारत का भी अधिकार है कि वह अपने बॉर्डर की सुरक्षा करे। ट्रंप के शब्दों में, 'भारत और अमेरिका दोनों ही इस बात को समझते हैं कि हमें अपने समुदायों को सुरक्षित रखना है और हमें अपने बॉर्डर की सुरक्षा हर हाल में करनी है।'












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