पाकिस्तान में चल रहा गजब सियासी खेल, 50 साल पुराने मामले में इमरान की करीबी सांसद गिरफ्तार
इस्लामाबाद, 21 मईः पंजाब की पूर्व मानवाधिकार मंत्री और पीटीआई नेता शिरीन मजारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हैरतअंगेज बात ये है कि उनकी गिरफ्तारी 50 साल पुराने जमीन से जुड़े एक मामले में हुई है। पूर्व मंत्री की बेटी इमान जैनब ने पत्रकारों से बात करते हुए यह आरोप लगाया कि उनकी मां को पुरुष अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा और घर से ले गए।

पुलिस पर मंत्री को पीटने का आरोप
पंजाब के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग और इस्लामाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर पूर्व संघीय मंत्री और पीटीआई की वरिष्ठ नेता शिरीन मजारी को गिरफ्तार कर लिया है। जियो न्यूज की खबर के मुताबिक 1972 में दर्ज जिला राजनपुर में जमीन के एक टुकड़े के अतिक्रमण से संबंधित एक मामले में पीटीआई नेता को हिरासत में लिया गया है। पत्रकारों से बात करते हुए, मजारी की बेटी, इमान ज़ैनब मजारी-हाज़ीर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि "पुरुष पुलिस अधिकारियों ने उसकी माँ को बेरहमी से पीटा और ले गए।"

पुलिस ने किया मेरी मां का अपहरण
इमान जैनब ने शहबाज शरीफ की नई सरकार को चेतावनी दी कि अगर उसकी मां को कुछ हो जाता है तो वह उनमें से किसी को भी नहीं बख्शेगी। जैनब ने कहा कि मुझे केवल इतना बताया गया कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने मेरी मां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले इसकी कोई सूचना नहीं दी थी। जैनब ने पुलिस के इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि मेरी मां की गिरफ्तारी नहीं हुई है बल्कि पुलिस ने उनका अपहरण किया है। हालांकि इसके उलट वीडियो में शिरीन को महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा हिरासत में ली जाती हुई दिख रही हैं।

पाकिस्तान में मचा सियासी घमासान
शिरीन मजारी की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान की सियासत में हंगामा मच गया है। पूर्व मंत्री शेख रशीद ने कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार देश को अराजकता की ओर धकेल रही है। उन्होंने आगे कहा कि शिरीन मजारी की गिरफ्तारी इस संबंध में पहला कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान "गिरफ्तार होने वाले अगले व्यक्ति हो सकते हैं"। वहीं, इस घटना की निंदा करते हुए सिंध के पूर्व गवर्नर इमरान इस्माइल ने कहा, " यह आयातित सरकार खुद ही अपनी स्थिति को खराब कर रही है।" इस बीच संसदीय मामलों के पूर्व मंत्री अली मोहम्मद खान ने इस घटना को गठबंधन सरकार का "कायराना कृत्य" करार दिया। उन्होंने कहा, "सरकार न केवल घबराई हुई है, बल्कि बेहद घबराई हुई है।"

50 साल पुराना है मामला
शिरीन मजारी पर साल 1972 में जमीन के एक टुकड़े पर कब्जा करने का आरोप है। उसके खिलाफ 11 मार्च 2022 को शिकायत दर्ज कराई गई थी, जबकि एसी राजनपुर को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था। संबंधित अधिकारी ने 8 अप्रैल को मामले की रिपोर्ट तैयार की और इसके आलोक में भ्रष्टाचार निरोधक प्रतिष्ठान ने अपने नियम 2014 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया।












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