मुशर्रफ के इस एक बयान से साफ, पाक में सेना ही है बादशाह
पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह और सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ का दावा पूर्व सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने की थी पाकिस्तान से भागने में उनकी मदद।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह और सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ की मानें तो पाकिस्तान सेना के एक्स-चीफ रहे जनरल राहील शरीफ की मदद से उन्हें पाकिस्तान से भागने में मदद मिली। उनके इस एक बयान से एक बार फिर साफ हो गया है कि पाक में सेना किस कदर हावी है और इसका प्रभाव राजनीति में किस हद तक है।

शरीफ के बॉस मुशर्रफ को मिली मदद
परवेज मुशर्रफ ने दुनिया न्यूज के साथ एक टॉक शो में शिरकत करते हुए इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जनरल शरीफ ने सरकार की ओर से कोर्ट पर दबाव डालते हुए पाक से निकल जाने में उनकी मदद की।
उन्होंने कहा, 'उन्हें मेरी मदद की। मैं उनका बॉस रह चुका है हूं और मैं उनसे पहले आर्मी चीफ था।'
मुशर्रफ ने आगे कहा, 'केसेज का हमेशा राजनीतिकरण किया जाता है। सरकार ने मुझे एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में रखा और फिर मेरा केस राजनीतिक मुद्दे में बदल गया।'
जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जनरल शरीफ ने दबाव कम करने और उन्हें देश छोड़ने में मदद की।
दबाव में आकर फैसला
जनरल राहील शरीफ 29 नवंबर को रिटायर हो चुके हैं। मुशर्रफ ने कहा कि पर्दे के पीछे से आर्मी चीफ ने सरकार के साथ बातचीत करके दबाव को झेलने का काम किया था।
मुशर्रफ ने जानकारी दी कि जब सरकार ने दबाव बनाना शुरू किया तो कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए देश से बाहर जाने की मंजूरी दे दी।
मुशर्रफ ने आरोप लगाया कि पाक की अदालतें दबाव में आकर फैसला देती हैं और इस दबाव को बनाने में राहील शरीफ ने एक प्रभावशाली रोल अदा किया।
मार्च में गए हैं मुशर्रफ
मुशर्रफ इस वर्ष मार्च में दुबई गए थे। वह पाक की इंटीरियल मिनिस्टर के उस आदेश के बाद विदेश जा सके थे जब उनका नाम ईसीएल से हटा गया था। उनका नाम पाक सुप्रीम कोर्ट के आए आदेश के बाद ईसीएल से हटाया गया था।
मुशर्रफ पर पाक में नवंबर 2007 में आपातकाल लगाने, जजों को गिरफ्तार करने और उनकी शक्तियों को कम करने का केस चल रहा है।
इसके अलावा वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, बलूच नेता नवाब अकबर बुगती और गाजी अब्दुल राशिद की हत्या के केस में भी आरोपी हैं।
सेना पाक में ताकतवर
इससे पहले वाशिंगटन में अटलाटिंक को दिए एक इंटरव्यू में मुशर्रफ ने कहा था कि पाक की सामाजिक संरचना लोकतंत्र के अनुरुप नहीं है।
उन्होंने कहा था कि सेना ने आजादी के बाद से हमेशा से ही एक अहम रोल अदा किया है। इसके अलावा पाक के शासन में भी सेना का एक अहम रोल रहा है।












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