Noida में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू, उल्लंघन पर 188 IPC के तहत होगी कार्रवाई
सुरक्षा व्यवस्था और तमाम त्योहारों को देखते हुए नोएडा में धारा-144 लागू कर दी गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस संबंध में कमिश्नरेट ने आदेश जारी कर दिया है। नियमों का पालन कराया जा सके, इसलिए संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी/आगामी त्योहारों/गणतंत्र दिवस व जनपद की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत यह फैसला लिया गया है। पूरे जिले में 31.01.2023 तक धारा-144 लागू रहेगी। उल्लंघन करने पर धारा-188 IPC के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।
कोविड महामारी/आगामी त्योहारों/गणतंत्र दिवस व जनपद की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत दिनांक 31.01.2023 तक जनपद में धारा-144 CRPC लागू की जाती है। उल्लंघन करने पर धारा-188 IPC के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। pic.twitter.com/APN36dCdD3
— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) January 8, 2023
आदेश में कहा गया है कि 13 जनवरी को लोहड़ी, 15 जनवरी को मकरसक्रांति, 24 जनवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर का जन्म दिवस है। वहीं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस व बसंत पंचमी और 29 जनवरी को हजरत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज का उर्स पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में इस मौके पर असामाजिक तत्वों की तरफ से शांति व्यवस्था को भंग किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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वहीं, इस दौरान राज्य सरकार की तरफ से विभिन्न परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। ऐसे में परीक्षाओं के दौरान भी बवाल न हो, इसलिए भी धारा 144 लागू की गई है। आदेश के मुताबिक कोई भी व्यक्ति पुलिस आयुक्त-अपर पुलिस आयुक्त या फिर पुलिस उपायुक्तों की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना, न तो 5 या फिर इससे अधिक व्यक्तियों का किसी भी प्रकार का कोई जुलूस निकालेगा और न ही सार्वजनिक स्थान पर 05 या इससे अधिक व्यक्तियों का समूह बनाएगा और न ही ऐसे किसी भी समूह में शामिल होगा।
आदेश के मुताबिक सरकारी दफ्तरों के ऊपर व आसपास एक किलोमीटर की परिधि में ड्रोन से शूटिंग करना पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी पुलिस आयुक्तों की अनुमति के बिना किसी प्रकार के ड्रोन कैमरे से शूटिंग-फोटोग्राफी नहीं की जाएगी। वहीं, कोई भी व्यक्ति विवादित स्थलों जहां प्रथा न रही हो पर पूजा, नमाज आदि अदा करने का न तो प्रयास करेगा और न ही किसी को प्रेरित करेगा। साथ ही कोई भी व्यक्ति एक दूसरे के धर्मों का अपमान भी नहीं करेगा। अगर ऐसा करते किसी को पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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