Ketan Agarwal Case: प्रेमी को 2000 कॉल्स-238 घंटे बातचीत, केतन की पीठ में कबसे छुरा घोंप रही थी मंगेतर Siya?
Pune Ketan Agarwal Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले के गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो टाउनशिप में केतन अग्रवाल का घर खुशियों से भरा हुआ था। 26 साल का यह युवा रियल एस्टेट डायरेक्टर अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले पर घूमने जा रहा था। सिया का जन्मदिन मनाने का प्लान था। परिवार ने तो नवंबर में उदयपुर के 17 करोड़ रुपये वाले भव्य महल में शादी का आयोजन भी कर लिया था। दो चार्टर्ड प्लेन बुक थे, मेहमानों की लिस्ट तैयार थी। लेकिन केतन को क्या पता था कि जिस हाथ को वह थामकर चल रहा था, वही हाथ उसे मौत की खाई में धकेलने वाला था।
लोहागढ़ किला, छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ा यह ऐतिहासिक दुर्ग, सह्याद्रि (Sahyadri) की पहाड़ियों पर 1033 मीटर की ऊंचाई पर खड़ा, मानसून में पर्यटकों से भरा रहता है। लेकिन 18 जून को यह किला केतन के लिए मौत का गवाह बन गया। सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को खाई में धकेल दिया। शुरुआत में इसे 'फिसलन' का हादसा बताया गया, लेकिन केतन की बहन संजना के संदेह ने पूरे राज को उजागर कर दिया। आइए जानते हैं कि केतन की पीठ में कबसे छुरा घोंप रही थी मंगेतर Siya?

बहन का संदेह, जो सच्चाई की शुरुआत बना
केतन की मौत की खबर सुनकर पूरा परिवार सदमे में था। लेकिन बहन संजना को 'दुर्घटना' की कहानी पर शक हुआ। केतन के अंतिम संस्कार तक उसके मन में सवालों का तूफान था। सिया जब संवेदना जताने घर आई, तो संजना ने एक-एक कर सवाल पूछे। सिया के जवाबों में विसंगतियां थीं। परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। नई जांच शुरू हुई। यहां से बेनाकब हुई सिया की हादसे की थ्योरी।
3 साल का इश्क, 2004 कॉल्स, कुल 238 घंटे बातचीत, और केतन को दी मौत
पुलिस को पता चला कि सिया और चेतन तीन साल से प्रेम संबंध में थे। 1 जनवरी से 18 जून तक 2004 कॉल्स, कुल 238 घंटे की बातचीत। फेसटाइम, व्हाट्सएप, हर पल संपर्क। सिया के परिवार को इस रिश्ते की जानकारी थी, फिर भी शादी पर जोर दिया गया। केतन को 'कोई समस्या नहीं' का आश्वासन दिया गया।
CCTV का हुडी वाला राज और बार-बार की कोशिशें

जांच में 33 डिग्री गर्मी में हुडी पहने एक युवक का सीसीटीवी फुटेज मिला। वह केतन और सिया के वाहन का पीछा कर रहा था। हुडी से चेतन की पहचान हुई। सिया के बयानों में कई झूठ पकड़े गए।
पुलिस पूछताछ में खौफनाक सच्चाई सामने आई। सिया कई बार केतन को लोहागढ़ ले जाने की जिद करती रही। 31 मई को वह उसे ले गई। 4 जून को फिर कोशिश की, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया। 14 जून को एक और कोशिश सिया ने केतन को खाई में धकेला, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया। केतन ने पूछा तो सिया ने 'सांप दिखा' का नाटक किया और गले लगाकर भावुक हो गई।
प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाना था, लेकिन केतन का पासपोर्ट गायब हो गया। पुलिस को शक है सिया ने ही छुपाया। आखिरकार 18 जून को सिया के जन्मदिन पर प्लान कामयाब हो गया। चेतन पीछा कर रहा था। दोनों ने मिलकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया।
Who Was Ketan Agarwal: केतन कौन था? सपनों का युवा

केतन अग्रवाल पुणे के गहुंजे के रहने वाले थे। पिता विशाल अग्रवाल रियल एस्टेट के बड़े नाम, 'लैंड बैंक' कहलाते हैं। केतन कंपनी के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे। सिंबायोसिस से BBA, अमेरिका के Babson College से Entrepreneurship में MS। होशियार, मेहनती, परिवार से गहरा लगाव। शादी के सपने देख रहा था। सिया को परिवार ने बेटी की तरह अपनाया था।

पिता विशाल अग्रवाल का दर्द अब भी गूंजता है कि 'अगर शादी नहीं करनी थी तो साफ मना क्यों नहीं किया? हम रद्द कर देते। इतना क्रूर कदम क्यों? उनकी मानसिकता कहां से आई, परिवार से, परवरिश से?' मां राखी अभी भी सदमे में हैं। उन्होंने ही ट्रिप पर जोर दिया था। अब खुद को दोष देती हैं।
Lohagarh: इतिहास का गवाह, अब हत्याकांड का
लोहागढ़ शिवाजी महाराज का किला, यूनेस्को हेरिटेज। विंचू कटा जैसी संरचनाएं, खाईं, चढ़ाई। यहां सिया ने केतन को फोटो खिंचवाने का बहाना बनाया। हवा तेज थी। एक झटके में केतन नीचे। रेस्क्यू में तीन घंटे लगे। शव निकाला गया। पुलिस ने सिया और चेतन को गिरफ्तार किया। दोनों ने कबूल किया। 7 दिन की पुलिस कस्टडी। केस मर्डर और क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी का दर्ज।
Ketan Agarwal Murder Reason: क्यों किया यह जघन्य अपराध?
सिया को परिवार की बदनामी का डर था। भागकर शादी नहीं करना चाहती थी। केतन रास्ते का रोड़ा बन गया। चेतन के साथ रिश्ता पुराना। दोनों ने प्लान बनाया - बार-बार कोशिश, आखिर सफल।
केतन को शक हो गया था। वह सिया की नजदीकी पर सवाल उठाने लगा था। लेकिन कभी बड़ा टकराव नहीं हुआ। परिवार को यकीन था - सब ठीक हो जाएगा।
लोहागढ़ की खाई अब सिर्फ एक खाई नहीं, एक युवा सपने की कब्र है। सिया और चेतन पर मुकदमा चलेगा। लेकिन केतन जैसे मासूमों की जानें कब तक कुर्बान होती रहेंगी? समाज को सोचना होगा।













Click it and Unblock the Notifications