'मुझे मेरी पत्नी वापस दीजिए..', शादी के लिए फैज से साहिल बना था शख्स, अब क्या हुआ कि हाईकोर्ट पहुंचा मामला

मुस्लिम से हिंदू बने एक शख्स ने अपनी पत्नी की कस्टडी के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 22 वर्षीय साहिल चौधरी ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर की और कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसकी पत्नी उसको वापस दी जाए।

याचिका में शख्स ने आरोप लगाया है कि साहिल चौधरी ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को उसके परिवार वालों ने कथित तौर पर जबरन और गैर-कानूनी तरीके से अपने पास राजस्थान में रखा है। साहिल चौधरी पहले एक मुस्लिम था और उसका नाम फैज अंसारी था। उसने हिंदू लड़की से शादी के लिए हिंदू धर्म को अपनाया था।

Bombay High Court

न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति गौरी गोडसे की खंडपीठ ने सोमवार को मीरा रोड स्थित नया नगर पुलिस थाने को मेनका (बदला हुआ नाम), जिससे साहिल की शादी हुई थी, उसे 20 जून को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है।

याचिका के मुताबिक साहिल, जो पहले फैज अंसारी था, 2017 में मेनका से मिला था। दोनों एक ही साथ एक ही कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। दोनों में प्यार हुआ और दोनों ने शादी करने का फैसला किया। लेकिन चूंकि मेनका के माता-पिता एक अंतर-धार्मिक विवाह के लिए सहमत नहीं थे, इसलिए साहिल ने हिंदू धर्म अपना लिया और फैज अंसारी से साहिल चौधरी बन गया।

रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ने 26 फरवरी 2022 को बांद्रा (पूर्व) के विश्वेश्वर मंदिर में शादी कर ली। 8 जुलाई 2022 को मुंबई नगर निकाय बीएमसी में शादी का रजिस्ट्रेश कराया गया। साहिल मुंबई का निवासी है।

साहिल की याचिका के मुताबिक, शादी के बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे। 8 फरवरी 2023 को मेनका साहिल के साथ रहने के लिए अपने पिता के घर से आई और उसने आने से पहले अपने घरवालों के लिए एक पत्र छोड़ा था।

मेनका के पिता द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद दंपति को पुलिस स्टेशन बुलाया गया। मेनका ने 23 फरवरी को एक नोट जमा किया, जिसमें कहा गया था कि वह अपने पति के साथ रह रही थी और लापता नहीं थी।

साहिल ने आरोप लगाया कि एक पुलिस अधिकारी ने उसे चार दिनों के लिए अपनी पत्नी को उसके पिता के साथ भेजने के लिए मजबूर किया। साहिल ने कहा कि इसलिए उसने पुलिस वाले पर भरोसा कर अपनी पत्नी को उनके साथ जाने दिया।

दोनों की आखिरी बार 25 फरवरी को हुई थी। जिस दौरान मेनका ने साहिल को अपने साथ ले जाने के लिए कहा था। उसने कहा, "मैं वापस आना चाहती हूं, आओ और मुझे ले जाओ।'' उस वक्त साहिल को एहसास हुआ कि मेनका के परिवार वाले उसे उसके होमटाउन राजस्थान ले गए हैं।

18 मार्च 2023 को, साहिल को मेनका की ओर से राजस्थान के एक वकील से कानूनी नोटिस मिला, जिसमें कहा गया था कि साहिल ने हिंदू धर्म में परिवर्तित होने के लिए उचित रीति-रिवाजों का पालन नहीं किया था, इसलिए विवाह को मान्य नहीं माना जाएगा। बीएमसी को कानूनी नोटिस भी भेजा गया था, जिसमें मैरिज सर्टिफिकेट रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

साहिल का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता शादाब खोपेकर ने अदालत को बताया कि मेनका के माता-पिता उसकी शादी किसी अन्य व्यक्ति से करने की कोशिश कर रहे हैं। कोर्ट ने अब मीरा रोड पुलिस को मेनका को 20 जून को पेश करने का निर्देश दिया है।

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