Mumbai News: प्रभादेवी पुल प्रोजेक्ट का काम फिर अटका, 47 करोड़ रुपयों की वजह से रुका कंस्ट्रक्शन
Mumbai News: मुंबई शहर के सबसे पुराने पुलों में से एक प्रभादेवी रोड ओवरब्रिज का काम एक बार फिर अटक गया है। सौ साल से ज्यादा पुराने इस पुल को गिराकर एक नया डबल डेकर पुल बनाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले ही तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं आई थीं। अब एक बार फिर इसका काम बीच में रोकना पड़ा है। वजह है मध्य रेलवे ने वे-लीव और अन्य तकनीकी शुल्कों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी कर दी। पहले जहां रेलवे सिर्फ 10 करोड़ रुपये लेने को तैयार था। अब नई नीति के चलते यह मांग बढ़कर 47 करोड़ रुपये हो गई है।
रेलवे की सीमा में आने वाले 132 मीटर लंबे इस पुल को हटाकर महाराष्ट्र रेल इन्फ्रा डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (महारेल) यहां एक आधुनिक डबल-डेकर पुल बनाना चाहती है। इसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब वे-लीव शुल्क बढ़ने से प्रोजेक्ट लागत में भारी इजाफा तय है। इस वजह से वित्तीय संकट भी गहरा गया है।

Prabhadevi ROB project पर चल रहा काम
- पुल को तोड़ने के लिए रेलवे ब्लॉक की योजना तैयार की जा रही है। इस पर महारेल, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं।
- चर्चा का मुख्य फोकस यह है कि लोकल ट्रेन सेवा पर असर डाले बिना काम कैसे किया जाए। ब्लॉक के दौरान कौन सी मशीनरी इस्तेमाल होगी।
- मशीनरी का संचालन कैसे होगा, इन मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इन मुद्दों का ब्लूप्रिंट भी बनकर तैयार हो गया है।
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Mumbai News: पश्चिम रेलवे ने भी की है 59 करोड़ की मांग
बता दें कि पश्चिम रेलवे पहले ही प्रभादेवी आरओबी के लिए 59.14 करोड़ रुपये का वे-लीव शुल्क मांग चुकी है। अब मध्य रेलवे ने वे-लीव शुल्क 10 करोड़ से बढ़ाकर 47 करोड़ कर दी है। इस नई मांग के बाद अकेले वे-लीव शुल्क ही 106 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाएगा। महारेल का अनुमान है कि रेलवे क्षेत्र में पुल निर्माण पर 167 करोड़ रुपये तक का खर्च आएगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि दूसरे विकल्पों की तलाश की जा रही है और इसे सुलझाने की बात भी की।
वे-लीव चार्ज क्या होता है?
रेलवे की जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य होता है, जैसे कि केबल लाइन, जल पाइपलाइन, बिजली लाइन या पुल, तो बनाने के लिए रेलवे की अनुमति लेनी होती है। इस अनुमति के बदले जो फीस ली जाती है, उसे 'वे-लीव चार्ज' कहते हैं। भारतीय रेलवे की नई नियमावली लागू होने के बाद इन शुल्कों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी की है। प्रभादेवी आरओबी प्रोजेक्ट पर अब कुल लागत काफी बढ़ने की आशंका है, जिससे इसकी समयसीमा और बजट दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
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