Lok Sabha Chunav: महायुति गठबंधन में अजीब बेचैनी, टिकट कटने से हताशा, 7 सीटें खटाई में!
Maharashtra Lok Sabha Election 2024: महाराष्ट्र के सत्ताधारी महायुति गठबंधन में जिस तरह से 7 सीटों पर अभी भी कोई सर्वमान्य फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है, उससे टिकट दावेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। खासकर शिवसेना ने जिस तरह से तीन मौजूदा सांसदों के टिकट काटे हैं, उससे हताशा और बढ़ गई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा बेचैनी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में ही नजर आ रही है। क्योंकि, जिन 7 सीटों पर बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी में डील पक्की नहीं हो पाई है, उनमें 6 सीटों पर पिछली बार संयुक्त शिवसेना ही जीती थी।

शिवसेना में टिकट कटने से ज्यादा बेचैनी
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना के कुछ टिकट दावेदारों ने अनिश्चितता के बावजूद अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। दरअसल, शिवसेना ने यवतमाल वाशिम से भावना गवली, हिंगोली से हेमंत पाटिल और रामटेक से कृपाल तुमाने जैसे मौजूदा सांसदों का टिकट काट दिया है। इसी तरह से पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुंबई-नॉर्थ-वेस्ट से पार्टी सांसद गजानन कीर्तिकर को भी टिकट मिलने की संभावना कम है।
महायुति में सात सीटों पर नहीं बन पा रही बात
महायुति गठबंधन में जिन सात सीटों पर अभी तक सीट-शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है, उनमें रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, मुंबई साउथ, औरंगाबाद, नाशिक, पालघर, ठाणे और सतारा शामिल हैं। इनमें से 6 सीटें 2019 में संयुक्त शिवसेना ने जीती थी, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार अब इनमें से मुख्य रूप से बीजेपी बड़ी दावेदारी जता रही है।
मुंबई नॉर्थ-सेंट्रल की सीट भी फॉर्मूले के तहत भाजपा को दी गई है, लेकिन अभी वहां उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है। दूसरी तरफ विपक्षी महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी,एनसीपी-शरदचंद्र पवार) ने डील तय कर ली है। लेकिन, इसने भी मुंबई नॉर्थ, मुंबई नॉर्थ-सेंट्रल (दोनों कांग्रेस) और माढा (शरद गुट) में उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए हैं।
ठाणे सीट को लेकर अड़ी हुई है शिवसेना!
शिवसेना के अंदर के लोगों के मुताबिक भाजपा ठाणे और कल्याण दोनों सीट पर दावे कर रही थी। जबकि, सीएम शिंदे की पार्टी ये दोनों ही सीटें छोड़ने को तैयार नहीं है। पिछले हफ्ते उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कल्याण सीट पर मुख्यमंत्री के बेटे और मौजूदा सांसद श्रीकांत शिंदे की उम्मीदवारी घोषित कर दी।
नाशिक में एनसीपी की वजह से पेच
शिवसेना के एक पदाधिकारी के मुताबिक, 'ठाणे मुख्यमंत्री शिंदे का गढ़ है। इसलिए बहुत कम संभावना है कि सीएम के गढ़ को वह बीजेपी के लिए छोड़ देगी।' इसी तरह से नाशिक सीट पर भी मामला फंसा है। दो बार के सांसद हेमंत गोडसे ने प्रचार शुरू भी कर दिया है, जबकि एनसीपी इसे अपने दिग्गज छगन भुजबल के लिए चाह रही है।
गोडसे ने कहा, 'शिवसेना में बेचैनी है, क्योंकि दो बार से यह सीट जीती है। मैंने अपने स्तर पर फिर से चुनावों के लिहाज से लोगों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।' उन्हें यकीन है कि नामांकन वही करेंगे। एक चर्चा ये भी है कि यह सीट भाजपा के खाते में जाए और भुजबल 'कमल' निशान पर चुनाव लड़ें। लेकिन, वह 'घड़ी' छोड़ने को तैयार नहीं हैं!
रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग पर नारायण राणे के लिए अड़ंगा
तटवर्ती रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से संयुक्त शिवसेना के विनायक राउत जीते थे, जो इस बार उद्धव की पार्टी से उम्मीदवार हैं। पार्टी के एक अंदर के व्यक्ति का कहना है कि बीजेपी चाहती है कि यह सीट उसे मिले जहां पर वह उद्धव ठाकरे के कटु आलोचक केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को उतार सके।
दक्षिण मुंबई की प्रतिष्ठित सीट भी प्रतिष्ठा की विषय बनी!
दूसरी तरफ शिवसेना एमएलए और राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत के बड़े भाई किरन सामंत भी इस सीट पर दावेदार हैं और उन्होंने चुनावों के हिसाब से तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसी तरह से मुंबई साउथ को लेकर भी भाजपा-शिवेसना में सुलह का रास्ता नहीं निकल पा रहा है।
दक्षिण मुंबई की इस प्रतिष्ठित सीट पर विधानसभा के स्पीकर (बीजेपी) राहुल नार्वेकर ने एक महीने पहले से ही अभियान शुरू कर दिया था। इसपर एक और दावेदार शिवसेना के नए-नवेले राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा भी हैं, जिनकी दावेदारी यहां से पहले सांसद होने की वजह से है।
औरंगाबाद और पालघर में भी नहीं निकल पा रहा समाधान
एक दावेदार बायकुला एमएलए यामिनी जाधव के पति और शिवसेना के उपनेता यशवंत जाधव भी हैं, जो अपनी गोटी सेट करना चाहते हैं। मराठवाड़ा की औरंगाबाद सीट पर भी दोनों पार्टी दावा कर रही है तो पालघर में भी यही हाल है।
सतारा में एनसीपी-बीजेपी में खींचतान
सतारा सीट पर बीजेपी और एनसीपी की दावेदारी जारी है। भाजपा की ओर से शिवाजी महाराज के वंशज और पार्टी के राज्यसभा सांसद उदयनराजे भोसले ने पहले से प्रचार अभियान भी चला रखा है। महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल से लेकर 20 मई के बीच पांच चरणों में चुनाव होने हैं।












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