Ketan Agarwal Case: 'चेतन की पैंट अब तक गायब',सबूत की तलाश में 3 जुलाई तक बढ़ी सिया गोयल की रिमांड
Ketan Agarwal Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस ने पूरे देश में खलबली मचा दी है, सोमवार को मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत ने 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस दौरान दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ होगी और हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच की जाएगी।

आरोपी पुलिस का सहयोग कर रहे है: वकील विपुल दुशिंग
आरोपी सिया की तरफ से वकील विपुल दुशिंग ने कहा, 'पुलिस ने सात दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी की मंज़ूरी दी। हमारा कहना था कि और ज़्यादा पुलिस कस्टडी की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आरोपी ने पहले ही पुलिस के साथ पूरा सहयोग किया है। फिर भी, मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए, कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए 3 तारीख तक पुलिस कस्टडी की मंज़ूरी दी। हमने कहा कि आरोपी ने अब तक पुलिस के साथ पूरा सहयोग किया है और आगे भी पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है। हमने यही पक्ष रखा।'

'चेतन का फुल लेंथ पैंट बरामद करना है'. पुलिस ने कोर्ट में कहा
तो वहीं चेतन की तरफ से पेश वकील राम शहाणे कहते हैं, 'हमारा तर्क बस इतना था कि इस स्टेज पर हम केस की मेरिट पर बहस नहीं कर सकते क्योंकि जांच चल रही है और अभी फैक्ट्स सामने आने बाकी हैं। पुलिस ने और कस्टडी मांगी थी; वह पहले से ही सात दिन की कस्टडी में था और उन्होंने कोर्ट से सात दिन और मांगे। हमने बताया कि चेतन की कस्टडी बढ़ाने को सही ठहराने के लिए कोई ठोस वजह नहीं दी गई थी। हमारी दलील का आधार यही था कि उन्हें जो भी चीज़ें बरामद करनी थीं, वे शुरुआती सात दिनों में ही की जा सकती थीं,इसलिए और कस्टडी की जरूरत नहीं थी। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोर्ट ने पुलिस को अच्छी तरह से जांच करने के लिए चार दिन की और कस्टडी दे दी। चेतन के बारे में, उन्होंने कहा कि 'गेट एनालिसिस' (चलने के तरीके की जांच) करना है और एक फुल लेंथ पैंट बरामद करना है, जो उसने घर से निकलते समय पहना था। बाकी ज़्यादातर चीज़ें पहले ही बरामद हो चुकी थीं।'

3 जुलाई तक सिया-चेतन से पुलिस करेगी गहन पूछताछ
अदालत से मिली पुलिस रिमांड के बाद जांच अधिकारी अब दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेंगे। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि हत्या की योजना कब बनाई गई, इसमें और कौन-कौन शामिल था और वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने क्या-क्या तैयारियां की थीं। दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा और डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई नए खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस के सामने कई अहम सवाल
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस के सामने भी कई सवाल हैं, जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा सवाल हत्या का वास्तविक मकसद क्या है? क्योंकि पुलिस को ये बात पच नहीं रही है कि सिया और चेतन ने भागकर शादी सिर्फ इसलिए नहीं कि क्योंकि इससे दोनों की फैमिली बदनाम हो जाती, इससे बढ़िया विकल्प उन्हें केतन अग्रवाल का मर्डर करना लगा।
केतन अग्रवाल की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई?
पुलिस के मुताबिक, कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले केतन अग्रवाल की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के लोहागढ़ किले घूमने गए थे। इसी दौरान गहरी खाई में धक्का देकर उनकी हत्या कर दी गई। इस वारदात में सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन की भूमिका सामने आई है।














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