Ketan Agarwal: कौन हैं आशुतोष श्रीवास्तव? Siya के भाई ने लगाया धमकी देने का आरोप, कानूनी लड़ाई में नया ट्विस्ट
Ketan Agarwal Case: पुणे के लोहागढ़ किले में 18 जून को हुई 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी द्वारा कथित तौर पर केतन अग्रवाल को 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर हत्या करने वाले सनसनीखेज मामले में अब कानूनी मोर्चे पर बड़ा विवाद छिड़ गया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल ने वकील आशुतोष श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने परिवार की अनुमति के बिना सिया का प्रतिनिधित्व किया और धमकी दी।
यह विवाद केस की सुनवाई के ठीक पहले सामने आया है, जब आज 29 जून को सिया की 7 दिन की पुलिस कस्टडी खत्म हो रही है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं....

Who Is Ashutosh Srivastava: कौन हैं आशुतोष श्रीवास्तव? क्यों गरमाया विवाद?
आशुतोष श्रीवास्तव एक वकील हैं , जिन्होंने मीडिया में कई बार सिया गोयल और उसके परिवार की तरफ से बयान दिए। उन्होंने खुद को सिया का कानूनी प्रतिनिधि बताया। लेकिन साहिल गोयल ने मीडिया को बताया कि वो हमारे वकील नहीं, हमें धमकी दे रहे हैं।
साहिल का आरोप है कि परिवार ने आशुतोष श्रीवास्तव को कभी भी सिया का केस लड़ने के लिए अधिकृत नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि श्रीवास्तव ने सिया के हस्ताक्षर धोखाधड़ी से प्राप्त किए होंगे। साहिल ने आगे कहा कि परिवार ने इस संबंध में अदालत में हलफनामा दायर किया है और श्रीवास्तव पर धमकी देने का आरोप लगाया है।
Who Is Siya Lawyer Vipul Dushing: सिया का असली वकील कौन?
साहिल गोयल ने स्पष्ट किया कि परिवार की तरफ से विपुल दुशिंग (Vipul Dushing) को वकील नियुक्त किया गया है। दुशिंग की टीम अब सिया का प्रतिनिधित्व कर रही है। विपुल दुशिंग ने भी बयान जारी कर कहा कि केस शुरुआती चरण में है। उनका फोकस फिलहाल सिया को पुलिस कस्टडी से न्यायिक हिरासत में भिजवाने या रिमांड की अवधि पर नियंत्रण रखने पर है।
यह विरोधाभास केस को नई दिशा दे रहा है। एक तरफ आशुतोष श्रीवास्तव मीडिया में सक्रिय दिख रहे थे, वहीं परिवार अब उनकी भूमिका से पूरी तरह इनकार कर रहा है।
Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड पूरा मामला क्या है?
केतन अग्रवाल पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी थे। फरवरी में सिया गोयल से उनकी सगाई हुई थी। दोनों की शादी तय थी, लेकिन सिया शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस के अनुसार, सिया ने चेतन चौधरी (उसका प्रेमी) के साथ मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची क्योंकि शादी रद्द करने से परिवार की बदनामी का डर था।
- 18 जून की घटना: लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान सिया ने जूते का फीता बांधने का नाटक किया। इशारा मिलते ही चेतन ने केतन को धक्का दे दिया। पुलिस का दावा है कि यह प्लान पहले से तैयार था।
साजिश की अहम कड़ी- पासपोर्ट गायब करने की घटना
केस की जांच में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ बाली प्री-वेडिंग फोटोशूट का है। केतन, सिया और अन्य लोग बाली जाने वाले थे। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद केतन को अपना पासपोर्ट गायब मिला, जिससे यात्रा रद्द हो गई।
पुलिस आरोप है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट छिपाकर या नष्ट करके यात्रा रोकी। कैब ड्राइवर वैभव जाधव ने बताया कि सिया ने एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रुकवाई, डिक्की खोली और पर्स से कुछ निकाला। पासपोर्ट की तलाशी में भी वह नहीं मिला। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह विदेश यात्रा रोकने की बड़ी साजिश का हिस्सा था। साहिल गोयल ने भी बताया कि उन्हें भी बाली जाना था, लेकिन पासपोर्ट गायब होने के कारण यात्रा रद्द हुई।

पुलिस की जांच: रीक्रिएशन से डिजिटल सबूत तक
- क्राइम सीन रीक्रिएशन: 28 जून को पुलिस ने सिया को लोहागढ़ किले ले जाकर डमी की मदद से पूरा घटनाक्रम दोहरवाया। चेतन चौधरी को भी अलग से रीक्रिएशन के लिए ले जाया जाएगा।
- मोबाइल डिलीट: दोनों आरोपियों ने 18 जून से पहले और बाद में चैट रिकॉर्ड डिलीट किए।
- पूछताछ: सिया के माता-पिता प्रवीण और पूजा गोयल से 12 घंटे, साहिल से 10 घंटे से ज्यादा पूछताछ हुई।
- लोकेशन छिपाने की कोशिश: चेतन ने दूसरे कर्मचारी का फोन इस्तेमाल कर 640 मिनट ऑफलाइन रहा।
राज्य सरकार की बड़ी तैयारी क्या है?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में राज्य सरकार ने दिग्गज वकील वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम (Senior Advocate Ujjwal Nikam) को नियुक्त किया है। इससे साफ है कि केस को मजबूती से लड़ने की तैयारी है।
लोकल प्रतिक्रिया और परिवार की अपील
केतन के परिवार वाले गहुंजे हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने न्याय की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला। केतन के पिता विशाल अग्रवाल (Ketan Father Vishal Agarwal) ने किले पर मौजूद सभी लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की और कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
अब तक की 5 बड़ी बातें
- एक्सीडेंट से मर्डर: शुरू में पैर फिसलने का हादसा बताया गया, बाद में प्लान्ड मर्डर साबित।
- 400 फीट का धक्का: जूते के फीते का नाटक कर दिया गया इशारा।
- पासपोर्ट साजिश: बाली यात्रा रोकने की कोशिश।
- सबूत मिटाने की कोशिश: चैट डिलीट और लोकेशन छिपाना।
केतन अग्रवाल हत्याकांड सिर्फ एक प्रेम त्रिकोण की कहानी नहीं है, बल्कि साजिश, धोखे और अब कानूनी पैंतरेबाजी का मामला बनता जा रहा है। साहिल गोयल के आरोपों ने केस को नया मोड़ दे दिया है। अब सबकी निगाहें आज की अदालती सुनवाई पर हैं। क्या वकीलों वाला विवाद सिया के बचाव को कमजोर करेगा या नया रास्ता खुलेगा? जांच आगे बढ़ रही है। न्याय की मांग कर रहे केतन के परिवार और सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे लाखों लोग इस केस को करीब से देख रहे हैं।













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