Ketan Agrawal: 'सिया गोयल तो बहुत शरीफ दिखती थी', कौन हैं नरेंद्र मित्तल? केतन केस से बड़ा कनेक्शन!

Ketan Agrawal Case: पूरे देश में चर्चा का विषय बने केतन अग्रवाल केस में अब मित्तल परिवार की एंट्री हुई है, ये वो लोग हैं जिन्होंने केतन अग्रवाल और सिया गोयल की मैचमैकिंग यानी कि रिश्ता पक्का करवाया था, एनडीटीवी की खबर के मुताबिक सिया गोयल की रिश्तेदार नरेंद्र मित्तल और रेणु मित्तल ने ही दोनों के परिवारों को मिलवाया था लेकिन उनकी भूमिका केवल रिश्ता होने तक ही सीमित थी।

नरेंद्र मित्तल और रेणु मित्तल ने पुलिस से कहा कि 'जनवरी 2026 में हमने ही दोनों परिवारवालों को शादी के लिए मिलवाया था लेकिन हम यहीं तक सीमित थे। इसके बाद सगाई, शादी की तारीख सबकुछ सिया-केतन के परिवारवालों ने ही तय किए थे, इसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं था। जैसे परिवार के और लोग इस घटना के बाद सदमे में हैं वैसे ही हम लोग भी हैं।'

Ketan Agrawal

रेणु मित्तल ने कहा कि 'हम बचपन से सिया को देखते आए हैं, वो बहुत ही हंसमुख और अच्छी बच्ची थी, हम सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि वो इस तरह का कोई कदम उठा सकती है। अगर शादी नहीं करनी थी तो ना करती लेकिन केतन अग्रवाल की जान लेने की क्या जरूरत थी? हम खुद सदमे में हैं।'

'हमने बचपन से सिया को देखा है, यकीन नहीं रहा'

तो वहीं नरेंद्र मित्तल ने पूछताछ में कहा,'हमने बचपन से सिया को देखा है। वह हमेशा शालीन और अच्छे स्वभाव की रही। हमें कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कदम उठा सकती है। सिया और केतन दोनों ही विनम्र और संस्कारी थे, इसलिए इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।'

'मित्तल परिवार ने सिया के लिए हामी भरी थी'

केतन के पिता, विशाल अग्रवाल ने बताया कि 'मित्तल परिवार ने सिया के लिए हामी भरी थी, जिसके बाद वह अरेंज्ड मैरिज के लिए राज़ी हए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिवार को चेतन के रिश्ते के बारे में पता था।

नरेंद्र मित्तल ने पुलिस को बताया कि 'केतन और सिया की शादी के बारे में दोनों परिवारों के बीच जनवरी 2026 में बातचीत शुरू हुई थी।इसके बाद, फरवरी में केतन और सिया की सगाई हो गई और नवंबर में एक भव्य शादी समारोह तय किया गया।'

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लोहागढ़ किले में पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन

जहां मित्तल दंपत्ति ने ये बयान दिया, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए रविवार को आरोपी मंगेतर सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले जाकर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया। इस दौरान पुलिस ने उसी वजन का एक डमी भी तैयार किया, ताकि यह जांचा जा सके कि 18 जून को कथित तौर पर केतन को किले से किस तरह धक्का दिया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल ने पुलिस के सामने कबूल किया कि परिवार का सामना करने के बजाय केतन अग्रवाल की हत्या करना उसके लिए आसान था। वह अपने परिवार की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थी।

सीन रीक्रिएशन में क्या हुआ?

पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि 'पुलिस ने आरोपियों द्वारा अपनाए गए पूरे रास्ते, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित गतिविधियों और वारदात के क्रम को दोबारा रीक्रिएट किया। रीक्रिएशन के दौरान सिया गोयल ने पुलिस को बताया कि वे किस रास्ते से किले तक पहुंचे, वहां किस स्थान पर खड़े थे और घटना किस प्रकार हुई।'

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डमी से जांची गई 'धक्का देने' की थ्योरी

डीएसपी गजानन टोंपे ने बताया कि 'पुलिस ने केतन अग्रवाल के बराबर वजन का एक डमी तैयार कराया था। इसका इस्तेमाल यह परखने के लिए किया गया कि आरोपियों के बयान के अनुसार किसी व्यक्ति को उस स्थान से धक्का देना संभव था या नहीं।'

हमारी दलीलें दर्ज FIR में लगाए गए आरोपों पर केंद्रित होगी: आशुतोष श्रीवास्तव

आपको बता दें कि सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों 29 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं, इस बारे में सिया गोयल के वकील, एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि 'हमारी दलीलें दर्ज FIR में लगाए गए आरोपों और अब तक हुई जांच पर केंद्रित होंगी। हम जांच के दौरान हमारी क्लाइंट सिया के सहयोग को भी उजागर करेंगे। हम तर्क देंगे कि अभियोजन पक्ष को सिया से आवश्यक पूछताछ या जानकारी जुटाने के लिए पहले ही पर्याप्त समय, विशेष रूप से पुलिस कस्टडी रिमांड, दिया जा चुका है।'

'हम FIR से जुड़े तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे'

'हमें नहीं लगता कि और समय की आवश्यकता है। हम इन्हीं आधारों पर तर्क देंगे और FIR से जुड़े तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे, विशेष रूप से, किन कारणों से अभियोजन या जांच एजेंसी ने मामले का दृष्टिकोण आकस्मिक मृत्यु से संभावित हत्या के मामले में बदला। बचाव पक्ष के दृष्टिकोण से, इसे हत्या के मुकदमे के रूप में आगे बढ़ाने का कोई ठोस कारण नहीं है। हम कल इन सभी पहलुओं पर बात करेंगे और अपनी क्लाइंट के लिए न्यायिक हिरासत सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे ताकि शेष कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ सके।'

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