महाराष्ट्र में क्या डिप्टी सीएम बनने को तैयार हो गए हैं एकनाथ शिंदे? फडणवीस से मुलाकात में क्या हुई बात
Maharashtra government formation: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बीते डेढ़ सप्ताह से चल रहे अनिश्चितता अब खत्म होने वाली है। 4 दिसंबर (बुधवार) को महायुति के तीनों नेता देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले हैं।
महायुति में शामिल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के प्रमुख नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रहे हैं तो माना जा रहा है कि फडणवीस को सीएम बनाने की बात पर महायुति में आपसी सहमति बन चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री बनने को तैयार हो गए हैं?

बता दें मंगलवार की शाम कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे से उनके सरकारी आवास वर्षा में देवेंद्र फडणवीस मिलने पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच सरकार के गठन, सीएम और डिप्टी सीएम पद को लेकर वार्ता हुई है और आपसी सहमति बन चुकी है।
वहीं सूत्रों के हवाले से न्यूज 18 की खबर के अनुसार शिवसेना प्रमुख और मौजूदा कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे नई सरकार में मुख्यमंत्री की भूमिका निभाने के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह घटनाक्रम भाजपा की ओर से संभावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार देवेंद्र फडणवीस के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद हुआ है।
साथ ही यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शिवसेना के शिंदे के गुट और एनसीपी के अजित पवार के गुट दोनों को उपमुख्यमंत्री का पद मिलेगा। वहीं ऐसी अटकलें हैं कि सरकार गठन के बाद महायुति गठबंधन के सदस्यों-शिवसेना, एनसीपी और बीजेपी के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर विवाद हो सकता है।
नेतृत्व संबंधी अनिश्चितताओं का समाधान
गठबंधन नेताओं के बीच कई चर्चाओं और बैठकों के बाद यह समाधान निकला है। वहीं एनसीपी प्रमुख अजित पवार के साथ वरिष्ठ भाजपा नेतृत्व से मिलने के लिए दिल्ली आए थे। वहीं शिंदे के सरकारी मुंबई निवास 'वर्षा' में करीब एक घंटे तक फडणवीस के साथ हुई बातचीत महायुति गठबंधन के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं को लेकर गतिरोध को तोड़ने में महत्वपूर्ण रही।
क्या शिंदे सच में नाराज चल रहे थे?
बता दें सीएम पद को लेकर एकनाथ शिंदे की नाराजगी की अटकलें लगाई जा रही थी लेकिन शिंदे की शिवसेन ने ऐसी अफवाहों का खंडन किया। वहीं एकनाथ शिंदे ने भी प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा था प्रधानमंत्री निर्णय लें। भाजपा का निर्णय अंतिम होगा।
महायुति ने हासिल की है ऐतिहासिक जीत
महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन में शामिल भाजपा ने 131 से अधिक सीटें हासिल करके प्रमुख पार्टी के रूप में उभरी, जबकि उसके सहयोगी शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटें जीतीं। इस जीत ने विरोधी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को केवल 50 सीटों तक सीमित कर दिया।
सीतारमण और रूपानी को बनाया गया पर्यवेक्षक
आधिकारिक तौर पर सरकार बनाने की प्रत्याशा में, भाजपा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनका काम विधायक दल के नेता का चयन करना है, जिसे फिर नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "भाजपा का कोई कार्यकर्ता केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय से कभी परेशान नहीं होता। उनका निर्णय अंतिम होता है," जो पार्टी के लोकाचार और एकता को दर्शाता है।
5 दिसंबर को हो रहा है शपथ ग्रहण समारोह
5 दिसंबर की शाम को आज़ाद मैदान में होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ कौन लेगा, इस पर अटकलें तेज़ हो गई हैं, तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह कार्यक्रम एक भव्य आयोजन होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लगभग 2,000 वीवीआईपी और लगभग 40,000 समर्थक शामिल होंगे।












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