Ganesh Chaturthi 2025: मुंबई में गणेश चतुर्थी पर 6 फीट से छोटी मूर्तियाें का समुद्र में नहीं होगा विसर्जन
Ganesh Chaturthi 2025: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले गणेश चतुर्थी पर्व की तैयारियां मुंबई में अभी से शुरू हो चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी गणपति बप्पा की मूर्तियां घरों और पंडालों में स्थापित की जाएगी इसके बाद उनका विधि-विधान के साथ निर्धारित तारीख को विसर्जन किया जाएगा।
लेकिन गणेश चतुर्थी से पहले गणपति की मूर्ति विसर्जन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिसके कारण गणेश विसर्जन की छोटी मूर्तियों के विसर्जन में भक्तों को मुश्किल हो सकती है।

6 फीट से बड़ी मूर्तियां का ही होगा समुद्र में विजर्सन
दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने छह फीट से अधिक ऊंची गणेश मूर्तियों को समुद्र में विसर्जित करने की अनुमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश आलोक आराधे और न्यायमूर्ति संदीप मर्ने की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि छह फीट से कम ऊंची मूर्तियों का विसर्जन अब केवल आर्टिफिशियल तलाबों में ही किया जाएगा।
दुर्गा पूजा पर भी लागू होगा ये नियम
अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि मूर्ति विसर्जन के बाद किनारों की सफाई अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। यह आदेश इस वर्ष के गणेशोत्सव के साथ-साथ अगले वर्ष के माघी गणेशोत्सव और दुर्गा पूजा पर भी लागू होगा।
न्यायमूर्ति संदीप की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया
अदालत का यह फैसला गणेश चतुर्थी के उत्सव से पहले आया है, जो मुंबई ही नहीं महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर मनाया जाता है। मुख्य न्यायाधीश आलोक आराधे और न्यायमूर्ति संदीप मर्ने की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि छह फीट से कम ऊंची मूर्तियों का विसर्जन अब केवल आर्टिफिशियल तालाबों में ही किया जाएगा।
समुद्र में बड़ी मूर्तियों के विसर्जन की कोर्ट ने क्यों दी परमीशन?
राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि छह फीट से बड़ी मूर्तियों को समुद्र में विसर्जित करने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से बनी मूर्तियों पर प्रतिबंध लगने से मूर्तिकारों के रोजगार पर संकट आ सकता है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि केवल छह फीट से अधिक ऊंची सार्वजनिक मूर्तियां ही प्राकृतिक जल स्रोतों यानी समुद्र और तलाबों में विसर्जित की जाएंगी।
BMC ने पिछली बार की विसर्जन की थी ये व्यवस्था
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा 2024 में पांच फीट तक की लगभग 1.95 लाख गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए 204 कृत्रिम टैंक बनाए गए थे। हालांकि, इनमें से केवल 85,000 मूर्तियों का ही विसर्जन इन टैंकों में किया गया, जबकि शेष मूर्तियों को समुद्र या नदियों में विसर्जित कर दिया गया।
राज्य सरकार ने हलफनामे में कहा कि घरेलू गणेश मूर्तियां आर्टिफिशियल तालाब (artificial ponds) में और सार्वजनिक मंडलों की बड़ी मूर्तियां पारंपरिक रूप से समुद्र में विसर्जित की जाएंगी।












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