MNS प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत, जानिए भड़काऊ भाषण में क्या बोले थे
Maharashtra news: महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी भाषा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन वकीलों के एक ग्रुप ने राज ठाकरे के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में राज ठाकरे पर महाराष्ट्र में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़काने वाले कथित भाषण देने का आरोप लगाया गया है।
बॉम्बे होईकोर्ट के वकील पंकज कुमार मिश्रा , नित्यानंद शर्मा और आशीष राय ने राज ठाकरे के विववादित भाषण के खिलाफ महाराष्ट्र की पुलिस महानिदेशक (DGP ) रश्मि शुक्ला को शिकायत भेजी है। मराठी में लिखी अपनी शिकायत में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बयानों की जांच करने, मामला दर्ज करने और सार्वजनिक अशांति को और भड़काने से रोकने के लिए कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।

राज ठाकरे के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत में राज ठाकरे द्वारा की गई उत्तेजक टिप्पणियों का जिक्र किया गया है, इसके साथ ही एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित धमकियों, हमलों और सामाजिक अपमान का भी हवाला दिया गया है। जानिए आखिर राज ठाकरे ने क्या भड़काऊ बयान दिया था।
राज ठाकरे ने क्या दिया था भड़काऊ बयान?
दरअसल, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने 5 जुलाई को NSCI डोम में राज ठाकरे ने ये विवादित भाषण दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर आप लोग प्रवासी लोगों को पीटते हैं उने पीटे, लेकिन इस मामले का कोई वीडियो नहीं बनाएं। उनके इसी बयान के खिलाफ वकीलों ने राज ठाकरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
MNS कार्यकर्ता प्रवासी नागरिकों पर कर रहे अत्याचार
3 वकीलों ने अपनी शिकायत में कहा है कि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ता महाराष्ट्र में अन्य राज्यों से आए नागरिकों पर मराठी भाषा को लेकर अत्याचार कर रहे हैं। सार्वजनिक तौर पर उनको पीट रहे है और अपमान कर रहे हैं। बीते कुछ दिनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी है। यह गंभीर और संविधिान विरोधी स्थिति है, जो सामाजिक सद्भाव और कानून व्यवस्था में बाधा उत्पन्न कर रही है।












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