MP News: संक्रमण लगने से तरबूज की फसल हुई खराब, इस आधार पर किसानों को मिलेगा मुआवजा
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देशानुसार जिले में तरबूज फसल नुकसानी आंकलन के लिये अधिकारियों-कर्मचारियों का संयुक्त दल गठित किया गया है। संयुक्त दल शीघ्रता से सर्वे कर नुकसानी आंकलन पूर्ण करते हुए संबंधित अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
प्राप्त निर्देशों के परिपालन में ग्राम बोदरली व खामनी में संयुक्त दल द्वारा किसानों के समक्ष तरबूज फसल नुकसानी का सर्वे कर जायजा लिया गया। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी सर्वे कार्य जारी है। नुकसानी सर्वे उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

प्रभावित क्षेत्र ग्राम खामनी व भावसा में तहसीलदार दयाराम अवास्या, ग्राम फोपनारकलां, तुरकगुराड़ा, मेथा खारी, पिपरी रैयत, व संग्रामपुर में नायब तहसीलदार गोविंदसिंह रावत के नेतृत्व में सर्वे कार्य किया जा रहा है। वहीं ग्राम बोरदली में नायब तहसीलदार राजेन्द्र सिंह चौहान, ग्राम लोनी, बिरोदा, पातोंडा, हतनूर, बहादरपुर व चिंचाला में तहसीलदार प्रवीण ओहरिया तथा ग्राम बसाड़ हेतु तहसीलदार ललीता गाडरिया को फसल नुकसानी का आंकलन संयुक्त दल द्वारा किये जाने की जिम्मेदारी दी गई है।
संयुक्त दल में उद्यानीकि, कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारीगण-कर्मचारीगण शामिल है। इसी क्रम में तहसील खकनार में तहसीलदार खकनार रामलाल पगारे, वृत्त डोईफोड़िया में नायब तहसीलदार जगदीश बिलगावेेेे तथा वृत्त तुकईथड़ में नायब तहसीलदार कविता सोलंकी के मार्गदर्शन में सर्वे कार्य किया जाना है।
जिन क्षेत्रों में तरबूज फसल पर संक्रमण से नुकसान की जानकारी मिल रही है, उन क्षेत्रों में अधिकारीगण संयुक्त रूप से भ्रमण करें। नियमानुसार कार्यवाही की जाये, साथ ही साथ किसानों को फसल में हो रहे संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सलाह देकर जागरूक भी करें। यह निर्देश आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर हर्ष सिंह ने उद्यानिकी, राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों को दिये।
शुक्रवार को तहसीलदार दयाराम अवस्या, तहसीलदार गोविंद सिंह रावत, कृषि विज्ञान केन्द्र सांडसकला के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कार्तिकेय सिंह, डॉ. भूपेन्द्र सिंह, डॉ मेघा विभुते तथा उप संचालक उद्यान श्री राजू बडवाया द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम बोदरली, संग्रामपुर, मोहद, खामनी, फोफनार आदि ग्रामों के लगभग 15 तरबूज उत्पादक कृषकों के प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कृषकों के प्रक्षेत्रों पर लगी प्रभावित तरबूज फसल की विभिन्न अवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया। सर्वे उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान कृषकों को आवश्यक सलाह दी गई।
किसानों को फसल चक्र अपनाये की बात कही गई।
बताया गया कि, लगातार एक ही फसल या एक कुल की फसल की खेती करने से बचें। खेत के आसपास एवं अन्दर साफ-सफाई करें। रोगग्रस्त पौधों को उखाड़कर खेत के बाहर फेंक देवे या गड्ढा खोदकर दबा देवें। आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति अवश्य करें, जिसके साथ ही सूक्ष्म पौषक तत्व कैल्शियम, बोरान, मैंगनीज आदि की अनुंशसित मात्रा का उपयोग करें। सूक्ष्म पौषक तत्वों जैसे बोरान, आयरन, मैंगनीज, कॉपर, जिंक एवं मोलीबेडेनम की पूर्ति के लिए माइक्रो न्यूट्रेट 25 एमएल प्रति पम्प के हिसाब से स्प्रे करें। नियंत्रण हेतु करें छिड़काव उपसंचालक उद्यानिकी ने बताया कि, कीट नियंत्रण हेतु छिड़काव किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि, क्लोरोपायरीफांस 45 एमएल, एसीफेट 15 ग्राम, स्टीकर 15 एमएल, नीमतेल 50 एमएल, 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर सकते है या इमिडाक्लोरोपिड 6 एमएल, एसीफेट 15 ग्राम, स्टीकर 15 एमएल, नीमतेल 50 एमएल-15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें तथा फिप्रोनिल 25 एमएल, स्टीकर 15 एमएल, नीमतेल 50 एमएल 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है।
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