Viral Video : शिक्षक के ट्रांसफर पर फूट-फूटकर रोये बच्चे, रेखा गणित पढ़ाने के इस अनूठे तरीके ने जीता दिल
कटनी। शिक्षक सिर्फ बच्चों के भविष्य निर्माता ही नहीं होते बल्कि वे उनके लिए माता-पिता और दोस्त से भी कम नहीं होते। कुछ ऐसा ही रिश्ता शिक्षक मंगलदीन पटेल का विद्यार्थियों के साथ है। शायद यही वजह है कि स्कूल में ऐसा भावुक पल आया, जिसमें खुद शिक्षक भी आंसू नहीं रोक पाए। बच्चे उनसे लिपट गए और फूट-फूटकर रोने लगे। मामला मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के झिन्नापिपरिया संकुल में तिलमन माध्यमिक शाला का है।

दरअसल, तिलमन माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक मंगलदीन पटेल का स्थानांतरण अन्यत्र हो गया है। शनिवार को जब बच्चों को तबादले की जानकारी लगी तो वे अपने आप को रोक नहीं पाए और शिक्षक पटेल के पास आकर उनसे लिपट गए। सभी बच्चे बिलख पड़े। विलाप करने लगे और शिक्षक से यहां से नहीं जाने की मिन्नतें करने लगे।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
यह पल बेहद भावुक था। बच्चे अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। खुद शिक्षक मंगलदीन की आंखें भी नम थी। पूरे पल स्कूल स्टाफ ने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि शिक्षक मंगलदीन बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रहे थे। उनकी बदौलत यहां के कई बच्चे कटनी जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। तबादला होने पर वे शनिवार को स्कूल छोड़ने से पहले अपनी कक्षा के छात्रों से मिलने आए थे। उसी समय गुरु और शिष्यों का यह हर किसी की आंखें नम कर देने वाला पल सामने आया।

ग्राउंड में पढ़ाते रेखा गणित
छात्रों ने बताया कि शिक्षक मंगलदीन उनके चहेते इसलिए बने, क्योंकि अच्छी शिक्षा के साथ-साथ वे उनका अपने बच्चों की तरह ख्याल रखते हैं। रेखा गणित को उन्होंने कभी भी स्कूल के कमरे में नहीं पढ़ाया। वे ग्राउंड के बाहर धागा, रस्सी, कील लेकर कोण, आयत, वर्ग, चतुर्भुज, घन सहित संपूर्ण रेखा गणित का प्रायोगिक अध्ययन कराते हैं।

तबादला निरस्त करवाने की मांग उठी
गेस्ट टीचर आशीष बड़गैया ने बताया कि वर्ष 2017-18 में स्कूल के 11 बच्चों का चयन गणित ओलंपियाड में हुआ। इस पर तत्कालीन कटनी जिला कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने उनको विशेष रूप से सम्मानित भी किया था। वहीं, छात्रों के अभिभावक खेमराज सिंह व अन्य ने बताया कि शिक्षक ने अपने कर्तव्य से बच्चों का दिलजीता है। बच्चों का प्रेम बताता है कि वाकई में बच्चे अपने शिक्षक को नहीं छोड़ना चाहते। ऐसे में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए तबादला निरस्त करने का निर्णय लेना चाहिए।












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