बखत सिंह ठाकुर : वो SI जिसने खुद के वेतन से 2.95 लाख खर्च कर पुलिस थाने में शुरू किया 'विद्यादान'
पन्ना, 7 फरवरी। सरकारी नौकरी लगने वालों में अधिकांश होते हैं कि उसी में अपनी जिंदगी खपा देते हैं, मगर बखत सिंह ठाकुर जैसे लोग गिनती के हैं, जो समाज को वापस भी लौटाते हैं।

बखत सिंह ठाकुर एसआई मध्य प्रदेश पुलिस
मध्य प्रदेश पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर सेवाएं दे रहे बखत सिंह ठाकुर वो शख्स हैं, जिन्होंने अपनी तनख्वाह में से 2 लाख 95 हजार रुपए खर्च करके बच्चों के आगे बढ़ने की राह आसान करने में जुटे हैं।

450 बच्चे निशुल्क पढ़ रहे
दरअसल, बखत सिंह ठाकुर और इनके साथियों ने पुलिस थाना परिसर में विद्यादान नाम से पुस्तकालय खोल दिया, जहां 450 बच्चे निशुल्क पढ़ रहे हैं। यहां पर इसका तरह से इनके सुनहरे भविष्य की नींव डाली जा रही है।

एसआई बखत सिंह ठाकुर का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में एसआई बखत सिंह ठाकुर बताते हैं कि 9 जुलाई 2021 को पन्ना जिले के बृजपुर पुलिस थाने में बतौर एसएचओ ट्रांसफर हुआ। उस वक्त बृजपुर पुलिस थाना परिसर में ही नई बिल्डिंग बन रही थी। पूरा थाना नए भवन में शिफ्ट हो हुआ था।

निशुल्क कोचिंग भी देते हैं
इसके बाद पुराना थाना भवन कोई काम नहीं आ रहा था तो तय किया गया कि इसका ऐसा इस्तेमाल किया जाए कि आने वाली पीढ़ी का भला हो सके। इसलिए यहां पर विद्यादान नाम से पुस्तकाल खोल दिया, जिससे पुस्तकें पढ़ने के साथ बच्चों को निशुल्क कोचिंग भी करवाई जाती है।

ये पुस्तकें हैं विद्यादान पुस्तकालय में
बखत सिंह ठाकुर कहते हैं कि विद्यादान पुस्तकालय में धर्मग्रंथ, रामचरित मानस, गायत्री परिवार की पुस्तकें, हिंदी साहित्य, प्रेरक कहानियां, महान लोगों की जीवनी, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें एनसीआरटी की पुस्तकें व नवोदय विद्यालय की तैयारी संबंधित करीब एक हजार पुस्तकें उपलब्ध करवाई गई हैं।

बच्चों से लेते हैं शपथ पत्र
विद्यादान पुस्तकालय में आने वाले बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती है। हालांकि उसने पर्यावरण जागरूकता, पॉलिथीन की थैली का उपयोग नहीं करने, नशा मुक्ति, अपराधों की रोकथाम में सहयोग, बड़े-बुजुर्गों का सम्मान, सार्वजनिक स्थानों की देखभाल संबंधी शपथ पत्र लिया जाता है।

दो प्राइवेट टीचर भी लगाए
पन्ना जिले के बृजपुर के थानाधिकारी बखत सिंह ठाकुर कहते हैं कि वे नियमित रूप में ड्यूटी टाइम के अलावा विद्यादान पुस्तकाल को समय देते हैं। आरक्षक गिरधारी साहू, एएसआई राकेश सिंह बघेल व दो प्राइवेट टीचर रवि ओमरे एवं श्यामू ओमरे को लगा रखा है, जिन्हें प्रतिमाह तीन-तीन हजार रुपए दिए जाते हैं।

पूर्व भी किया अनूठा काम
बखत सिंह ठाकुर साल 2013 से मध्य प्रदेश पुलिस में हैं। तभी से ये युवा पीढ़ी की मदद करने में जुटे हैं। बृजपुर से पहले सागर व दमोह जिले के कुम्हारी व गैसावद में एसएचओ रहे। उस समय भी ये साइकिल से गांव-गांव जाकर बच्चों को पढ़ाया करते थे।

कौन हैं एसआई बखत सिंह ठाकुर?
एमपी पुलिस के उप निरीक्षक बखत सिंह ठाकुर छतरपुर जिले के गांव सलैया के रहने वाले हैं। साल 2001 से 2004 तक सरकारी टीचर रहे। फिर इस्तीफा देकर सरपंच बने। साल 2009 में दुबारा परीक्षा देकर टीचर बने और साल 2013 में पुलिस में भर्ती हो गए।

एसआई बखत सिंह ठाकुर का राजस्थान से रिश्ता
एसआई बखत सिंह ठाकुर का परिवार यूं तो मध्य प्रदेश के छतरपुर में रहता है, मगर ये मूलरूप से राजस्थान के पाली जिले के सांडेराव के रहने वाले हैं। इनके परदाता मध्य प्रदेश आकर बसे थे।

बखत सिंह का परिवार
SI बखत सिंह ठाकुर के पिता मुलायम सिंह किसान हैं। इनके ध्यानेंद्र सिंह वर्तमान में सरपंच हैं। दूसरे श्रीरूप सिंह सीआईपीएफ में थे, जो 2010 में शहीद हो गए। बखत सिंह की पत्नी प्रियंका का शिक्षिका पद पर चयन हुआ था, मगर इन्होंने ज्वाइन नहीं किया।












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