सम्मेद शिखरजी: केंद्र ने पर्यटन क्षेत्र बनाया, जैन समाज विरोध करने सड़क पर आ गई
सम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के बाद देशभर में जैन समाज कर रही विरोध। संभवता देश का पहला स्थल होगा, जिसे पर्यटन क्षेत्र बनाने पर पूरी समाज एक स्वर में विरोध कर रही है


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जैन समाज के 24 में से 20 तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली है
समाजसेवी व जैन समाज के पदाधिकारी मुकेश जैन ढाना के अनुसार जैन धर्म के 24 तीर्थंकर में से 20 तीर्थंकर की 'निर्वाण' अर्थात मोक्ष भूमि पारसनाथ पहाड़ी है। दुनिया में जैन समाज का यह सबसे पूजनीय स्थल है। मुकेश जैन के अनुसार इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित होने से यहां की पवित्रता भंग हो जाएगी। लोग धार्मिक भावना के बजाय घूमने-फिरने और मौज मस्ती के लिए यहां आएंगे। अनैतिक गतिविधियां बढ़ेंगी, शराब, मांसाहार बढ़ेगा जो जैन समाज को स्वीकार नहीं है, अत: इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने का निर्णय वापस लिया जाए।












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