Madhya Pradesh में किसानों की बेशकीमती जमीन छोड़कर बनेगा अटल एक्सप्रेस-वे, सीएम शिवराज के निर्देश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अटल एक्सप्रेस-वे के लिए रि-सर्वे किया जाए। ऐसा रास्ता चुने कि किसानों की कीमती जमीन न जाए।

MP Chief Minister Shivraj Singh Chouhan: अटल एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के मालवा को छूते हुए चंबल से भी निकलेगा। पहले तय हुए रूट के मुताबिक कुछ किसान चिंतित थे, कि उनकी बेशकीमती जमीन अधिग्रहित होगी। लेकिन अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को फिर से सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। एक्सप्रेस-वे की इस योजना से एमपी उत्तर प्रदेश और राजस्थान भी कनेक्ट रहेगा। सीएम ने किसानों के हित में इस सिलसिले में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भी चर्चा की हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि चंबल क्षेत्र का विकास और जनता का कल्याण राज्य शासन की प्राथमिकता है। विकास में चंबल क्षेत्र पीछे न रहे, इसलिये अटल एक्सप्रेस-वे श्योपुर, मुरैना, भिण्ड से निकाला जा रहा है। इस पर करीब 8 हजार करोड़ रूपये व्यय होंगे। इस योजना के तहत होने वाले एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए किए गए सर्वे में यह तथ्य सामने आया है, कि कई किसानों की कीमती जमीन इसमें आ रही हैं। सीएम ने इसलिए रि-सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे किसानों की कीमती जमीन उनके पास ही रहे।

आपको बता दें कि योजना के मुताबिक 308 किलोमीटर लंबे इस वे के निर्माण से चंबल क्षेत्र का उत्तर प्रदेश और राजस्थान से बेहतर संपर्क होगा और विकास में भी गति आएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए है कि Way में अधिक से अधिक सरकारी जमीन का उपयोग हो। जमीन का दोबारा चिन्हांकन करें, जिससे किसानों की जमीन वे में नहीं जाए। अटल एक्सप्रेस- सर्वे कार्य भी इसी दृष्टि से किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीएम से केंद्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से अटल एक्सप्रेस-वे के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के बनने से उद्योगों के साथ किसान भी अपनी खेती कर सकेंगे। साथ ही नए-नए उद्योग प्रारंभ होने से बेटे-बेटियों को रोजगार मिलेगा और विकास के द्वार तेजी से खुलेंगे।

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश में छोटे किसानों की संख्या ज्यादा है। छोटे किसानों के लिये 2-4 बीघा जमीन अत्यंत उपयोगी है। अटल एक्सप्रेस-वे के बनने में अगर छोटे किसानों की जमीन उसमें जाती है, तो उनके लिये कठिनाई होगी। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी मुख्यमंत्री चौहान की पहल से अंचल में अनेक विकास कार्य हुए हैं। अटल एक्सप्रेस-वे भी क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा। तोमर ने बताया कि क्षेत्र में सबलगढ़ से करोली जाने के लिये अटारघाट पुल बन कर तैयार हो गया है। पुल निर्माण से करोली जाने के लिए लोगों को सुविधा होगी। लोगों को अब मुरैना, धौलपुर, बाड़ी होकर करोली नहीं जाना पड़ेगा और वे इस पुल से शिवपुरी से सबलगढ़ और करोली पहुँच सकेंगे।
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