MP Borewell News: गुना में बोरवेल में गिरा सुमित हारा जिंदगी की जंग, 16 घंटे चला रेस्क्यू, नहीं बच सकी जान
MP Borewell News: मध्य प्रदेश के गुना में बोरवेल में गिरे 10 वर्षीय बालक सुमित को रविवार सुबह बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसकी जिंदगी नहीं बच सकी। घटना शनिवार दोपहर की है। जिले के राघौगढ़ में सुमित मीणा बोरवेल में गिर गया था। हादसा शनिवार शाम लगभग 4 बजे हुआ, जब सुमित अपने खेत पर गया था। इसके बाद करीब 16 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे बाहर निकाला गया, जहां उस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया।
गुना जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राहुल रघुवंशी ने बताया कि लड़के को यहां मृत अवस्था में लाया गया था। हमने इसकी पुष्टि कर दी है और शव को पोस्टमार्टम कक्ष में भेज दिया है, आगे की प्रक्रिया जारी है।

इससे पहले बताया जा रहा था कि सुमित की हालत गंभीर बनी हुई है, क्योंकि वह बेहोश है और उसकी सांसें धीमी चल रही हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई को गुना के सहायक पुलिस अधीक्षक मान सिंह ठाकुर ने बताया कि बचाव अभियान शनिवार शाम 6:00 बजे शुरू हुआ और अगली सुबह 9:30 बजे तक लड़के को बाहर निकाले जाने तक जारी रहा।
MP Borewell News: सुबह 9:30 बजे सुमित को निकाला
एएसपी ठाकुर ने एएनआई को बताया था कि, "सुमित कल दोपहर करीब 3:30 बजे बोरवेल में गिर गया था। उसे बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। आज सुबह करीब 9:30 बजे सुमित को बोरवेल से बाहर निकाला गया। उसे अस्पताल ले जाया गया है, उसकी सांसें धीमी चल रही हैं। वह अभी बेहोश है।" लेकिन सुमित नहीं बच सका और उसकी मौत हो गई।
39 फीट की गहराई पर फंसा
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शनिवार शाम को राघौगढ़ के जंजाली इलाके में हुई। सुमित को बोरवेल से सुरक्षित निकालने के लिए दो बचाव दल तैनात किए गए थे। लड़का लगभग 39 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था।बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए 22 फीट गहरा एक समानांतर गड्ढा खोदा गया। इस रणनीतिक कदम से बचाव दल को सुमित तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचने और आवश्यक सहायता प्रदान करने में मदद मिली।
चिकित्सा सहायता और बचाव कार्य
गुना के कलेक्टर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सुमित को बोरवेल में फंसे रहने के दौरान लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा था। सिंह ने पहले बताया, "लड़के (बोरवेल में फंसे) को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है। सभी टीमें बचाव अभियान में लगी हुई हैं।"
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की टीमें घटनास्थल पर तैनात की गईं। सुमित की कुशलता सुनिश्चित करने और बोरवेल से बाहर निकालने के बाद उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की एक टीम मौजूद रही। अफसोस 10 साल के मासूम की जिंदगी नहीं बच सकी।












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